Amar Ujala Samwad Haryana : 'हरियाणा स्वर्णिम शताब्दी की ओर' थीम पर आधारित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में आयुर्वेद और योग गुरु बाबा रामदेव शामिल हुए। उन्होंने सनातन, स्वास्थ्य और सफलता पर बात की। जहां बाबा रामदेव ने बताया कि प्रदूषण से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए योगासन और प्राणायाम असरदार हैं। वहीं उन्होंने आयुर्वेद के जरिए कई डायबिटीज, थायराइड, काॅलेस्ट्राॅल समेत कई शारीरिक दिक्कतों के बचाव के तरीके भी बताए। इतना ही नहीं रामदेव ने सफलता हासिल करने का तरीका बताया।
हरियाणा के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले बाबा रामदेव ने बताया कि उनके पिता राम विलास अनपढ़ थे, माता गुलाब देवी भी पढ़ी लिखी नहीं थीं। परिवार में कोई भी पांचवी से सातवीं कक्षा से अधिक पढ़ा लिखा नहीं था। इससे ज्यादा पढ़ाई करने पर लोग कहते थे कि कौन सा पढ़ लिखकर पटवारी बन जाओगे। जिस स्थान से वह आते हैं, वहां पटवारी से ज्यादा बड़ा कुछ सोचा नहीं गया। लेकिन आज उनके लिए 5000 डाक्टर, साइंटिस्ट काम करते हैं। 5 लाख से ज्यादा लोगों को वह रोजगार देते हैं।
उनके घर पर टीवी नहीं थी, लेकिन आज लगभग हर घर की टीवी पर वह दो से तीन घंटे आते हैं। उनके एक एक वीडियो पर करोडों व्यूज आते हैं। उनकी इस सफलता के पीछे चीजें थीं। बाबा राम देव ने सफलता के इन तीन मूल मंत्रों के बारे मेंं बताया, जिसे अपनाकर आप भी उन्नति हासिल कर सकते हैं।
सफलता के तीन मूल मंत्र
पहला- बाबा रामदेव ने स्वास्थ्य को सफलता की पहली सीढ़ी मानी। उन्होंने कहा कि स्वदेसी अपनाकर खुद भी स्वस्थ भी रह सकते हैं और देश को भी स्वस्थ रख सकते हैं। इन दिनों हर तरफ सिंथेटिक चीजे हैं। सिंथेटिक हेयर और स्किन प्रोडक्ट्स, रिफाइंड आयल, सिंथेटिक फूड, सिंथेटिक कपड़े और जूते। इन सब के बीच खुद को स्वदेसी चीजों से जोड़े जो आपको सेहत दें। बाबा रामदेव ने बताया कि खुद को स्वस्थ रखने के लिए वह हर दिन सुबह 15 मिनट में पांच किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। दिसंबर-जनवरी की सर्दी में भी पसीना बहाते हैं।
दूसरा- अपने काम के प्रति 100 फीसदी इमानदारी रखें। मानवीय गलती हो सकती है लेकिन मन में खोट न हो। जो भी काम करे, उसे मन से इमानदारी के साथ पूरा करें। अपने काम को लेकर लापरवाही आपको कभी सफल नहीं होने देती।
तीसरा- आलोचना से न डरें। चाहे जितनी आलोचना हो, काम करते रहे। दृढ़ निश्चय करें। बड़ा काम करने के लिए बड़ा सोचें। बाबा राम देव ने काम में रिस्क लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो पंगा मोल नहीं लेता या बड़ा काम करने के बारे में नहीं सोचता, वह बड़ा काम नहीं कर सकता हैं।