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Samwad 2026: बेला-चमेली के शरबत से टमाटर चाट तक, हरपाल सिंह सोखी ने बताए भारत के अनोखे स्वाद

Tue, 19 May 2026 12:20 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर प्रदेश में पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खानपान को नई पहचान देने के लिए योगी सरकार ने “वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन” योजना की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत राज्य के हर जिले को उसके खास और पारंपरिक व्यंजन से जोड़ा जा रहा है, ताकि स्थानीय स्वाद और संस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल सके। 
 
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हरपाल सिंह सोखी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश कार्यक्रम के दौरान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फूड’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि खाना केवल स्वाद नहीं, बल्कि एक भावना और जज्बात है। उन्होंने कहा कि जैसे लखनऊ अपनी कबाब संस्कृति के लिए जाना जाता है, वैसे ही देश के हर शहर और जिले की अपनी अलग खानपान पहचान होती है। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फूड’ पहल इसी स्थानीय स्वाद और परंपरा को बढ़ावा देने का एक सराहनीय प्रयास है।

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पारंपरिक व्यंजनों की तरफ लौट रहे रेस्तरां 

सोखी ने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों में फ्यूजन फूड का चलन काफी बढ़ गया था, लेकिन अब रेस्तरां फिर से अपनी जड़ों और पारंपरिक व्यंजनों की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज छोटे उद्यमियों और स्थानीय स्वादों को मंच देने की कोशिश की जा रही है।

छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन 

उन्होंने ‘बेला-चमेली के शरबत’ का उदाहरण देते हुए बताया कि बीकानेर में उन्होंने यह खास पेय चखा था। पहले इसे शाही महलों में मुखवास के रूप में परोसा जाता था। वहां एक व्यक्ति कुल्हड़ में यह शरबत बेचता था। बाद में कई रेस्तरां ने इस पेय को अपने मेन्यू में शामिल कर उस छोटे उद्यमी को प्रोत्साहित करने का काम किया।

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सैकड़ों शहरों की पहचान विशेष व्यंजन 

सोखी ने कहा कि खाना सीधे दिल और भावनाओं से जुड़ा होता है। लखनऊ केवल कबाब ही नहीं, बल्कि मलाई-रबड़ी जैसी मिठाइयों के लिए भी प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में ऐसे सैकड़ों शहर हैं, जो किसी न किसी विशेष व्यंजन के लिए पहचान रखते हैं।

उत्तर प्रदेश का ‘एक जिला, एक व्यंजन’

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में शुरू की गई ‘एक जिला, एक व्यंजन’ पहल स्थानीय खानपान को नई पहचान देने का काम कर रही है। उनके अपने रेस्तरां के मेन्यू में भी अलग-अलग शहरों के स्वाद और व्यंजनों का उल्लेख किया जाता है। उनकी टीम उन शहरों में जाकर स्थानीय शेफ से व्यंजन बनाना सीखती है और फिर उसी नाम से उन्हें अपने मेन्यू में परोसती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए ‘दीनानाथ महाराज की टमाटर चाट’ का जिक्र किया, जो स्थानीय स्वाद और परंपरा का बेहतरीन उदाहरण है।

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आपका शहर किस स्वाद के लिए मशहूर? - फोटो : AI
क्या है वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन ?

उत्तर प्रदेश में पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खानपान को नई पहचान देने के लिए योगी सरकार ने “वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन” योजना की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत राज्य के हर जिले को उसके खास और पारंपरिक व्यंजन से जोड़ा जा रहा है, ताकि स्थानीय स्वाद और संस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल सके। 

इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल खानपान को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, उनकी बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करना भी है। इससे छोटे व्यापारियों, स्थानीय हलवाईयों और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। 

यह पहल पर्यटन को भी बढ़ावा देगी क्योंकि हर जिले का अपना एक खास स्वाद पर्यटकों को आकर्षित करेगा। यह योजना उत्तर प्रदेश की समृद्ध खाद्य संस्कृति को एक नई दिशा देने का प्रयास है।
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