स्वस्थ जीवन के लिए सेहत के प्रति जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए अमर उजाला ने आयुष मंत्रालय और राष्ट्रीय आयुर्वेदिक विद्यापीठ के साथ साझा पहल की है। इसमें 14 से 18 जून तक रोजाना शाम 5 बजे जाने माने विशेषज्ञों के आयुर्वेद की महत्ता को लेकर वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है। इसका अमर उजाला के फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।
चर्चा में ये विशेषज्ञ होंगे शामिल
- 14 जून: डॉ. तनूजा नेसरी (निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान) बताएंगी कि घर में रहकर इलाज करा रहे मरीजों को कब तक और कौन सी दवा दी जा सकती है। वह इस बात पर भी प्रकाश डालेंगी कि एलोपैथिक दवाओं के साथ किस सीमा तक आयुर्वेदिक दवाएं दी जा सकती हैं।
- 15 जून: राजीव वासुदेवन (सीएमडी, आयुर्वैद हॉस्पिटल और आयुष एडवाइजरी कमेटी के सदस्य) आयुर्वेद चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डालने के साथ ‘आयुर्वेद और स्वास्थ्य बीमा’ के बारे में बताएंगे।
- 16 जून: रंजीत पुराणिक (प्रबंध निदेशक, श्री धूतापापेश्वर लिमिटेड) आयुर्वेद उद्योग में औषधीय पौधों की खपत के बारे में जानकारी देंगे।
- 17 जून: प्रो. संजीव कुमार शर्मा ( निदेशक, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर) शल्य तंत्र पर विचार रखेंगे।
- 18 जून: पैनल डिस्कशन में कोविड-19 के इलाज में आयुर्वेदिक औषधियों के इस्तेमाल को लेकर मन में उठने वाली तमाम जिज्ञासाओं का समाधान भी हो जाएगा।
कोरोना महामारी ने लोगों की शारीरिक व मानसिक सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया है। रोजाना शाम पांच बजे आयोजित होने वाले इस वेबिनार का उद्देश्य कोरोन काल में आयुर्वेद व यूनानी इलाज किस तरह से फायदेमंद हो सकता है, इस बारे में लोगों को जागरूक करना है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले विशेषज्ञ कोरोना पीड़ित लोगों को होम आइसोलेशन से संबंधित दिशानिर्देश तथा आयुर्वेद और यूनानी निवारक उपायों के साथ इस महामारी से कैसे बचा जा सकता है, इस बारे में जागरूक करेंगे।