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Amar Ujala Webinar: महिला ब्लॉगर्स के साथ हुई चर्चा, जानें सोशल मीडिया ने कैसे बदली महिलाओं की कहानी

Fri, 21 Oct 2022 07:06 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उमर उजाला ने आज 21 अक्तूबर 2022 को एक वेबिनार आयोजित किया, जिसका विषय था- 'सोशल मीडिया ने कैसे बदली महिलाओं की कहानी'। इसमें ब्लॉगर्स दीप्ति नानवानी, अभिलाषा शर्मा, शाताक्षी भारद्वाज, सोनम एम. पुरी और इश्वाकी भारद्वाज ने अपनी बात रखी।
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अमर उजाला वेबिनार - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Amar Ujala Webinar: आज के समय जिस तरह से सोशल मीडिया लोगों की जिंदगी में अहम भूमिका निभाता हुआ नजर आ रहा है, ठीक वैसे ही सोशल मीडिया ने महिलाओं की जिंदगी भी बदली है। इसे लेकर अमर उजाला ने शुक्रवार को वेबिनार रखा, जिसे हमारे दर्शकों ने फेसबुक और यूट्यूब पर देखा। इस वेबिनार में सम्मानित अतिथियों ने अपनी बात रखी। इनमें दीप्ति नानवानी, इश्वाकी भारद्वाज, सोनम एम. पुरी, अभिलाषा शर्मा और शाताक्षी भारद्वाज ने शिरकत की।

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किसने क्या कहा?

दीप्ति नानवानी

मैंने नहीं सोचा था कि सोशल मीडिया मेरी इतनी मदद करेगा। लेकिन सोशल मीडिया ने मेरे काम को अच्छे लोगों तक पहुंचाया, जिससे मुझे पहचान मिली और मैं आगे बढ़ती गई।

सवाल: क्या आपसे कभी किसी ने यह बोला है कि आप काम नहीं करतीं, दिनभर सोशल मीडिया पर रहती हैं?
जवाब: जी हां, लोग मुझे काफी मैसेज करते हैं कि ये तो दिनभर फोन चलाती है, इनके पास कोई और काम नहीं है। लेकिन मैं ये सोचती हूं कि इन्हें जवाब देने का कोई फायदा नहीं हैं। वहीं, मैं अपने बच्चों को पूरा समय देती हूं और बच्चे मेरी सोशल मीडिया में मदद भी करते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि 'सोच बदलो, देश बदलेगा।'

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महिला सशक्तीकरण पर बात करते हुए दीप्ति ने अमर उजाला को बताया कि सोशल मीडिया से महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने अपने काम के बारे में कहा कि मैं कुछ-कुछ टिप्स सोशल मीडिया पर डाल देती थी। इसके बाद लोगों ने उसे देखा और मुझे लोग मेकअप करने के लिए कॉल करने लगे। यहां तक कि अब बड़े ब्रांड भी कॉल करते हैं।

अभिलाषा शर्मा

सवाल: ब्लॉगिंग शुरू करते समय सबसे पहला ख्याल क्या आया?
जवाब: मैंने जब ये काम शुरू किया, तो काफी साल तक लोग नहीं जुड़े और मुझे इसमें काफी समय लगा, लेकिन मैं अपना समय पूरा देती थी। हालांकि, लोग नाराज हो जाते हैं कि उन्हें फॉलोअर्स नही मिल रहे, लेकिन इसमें समय लगता है। उन्होंने ये भी बताया कि मैं सोशल मीडिया पर वो सारी बातें पोस्ट करती हूं, जो मेरे स्किल्स से जुड़ी हैं, जैसे- ब्लॉगिंग, खाना बनाना आदि।

सवाल: हैशटैग कितना बढ़ा हथियार है?
जवाब: हैशटैग पर ही निर्भर करता है कि आपका कंटेंट कहां तक जाएगा। जो लोग आपको फॉलो नहीं करते हैं वो लोग भी हैशटैग के जरिए आपका कंटेंट देख पाते हैं और इससे आप आगे बढ़ पाते हैं।

शाताक्षी भारद्वाज

सवाल: जो ब्लॉगर अपनी निजी जिंदगी को दिखा रहे हैं? उनके लिए आप क्या कहेंगे? 
जवाब: हम जब भी कुछ खाते हुए या कहीं जाते हुए पोस्ट करते हैं, तो ये सब हैशटैग के हिसाब से पोस्ट करते हैं ताकि वो चल सके। जो ब्लॉगिग करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी। मैंने जब ब्लॉगिंग की शुरुआत की, तो पहले मैं सुरक्षा के लिहाज से अपनी फोटोज का एक्सेस सबके लिए नहीं रखती थी, लेकिन बाद में मैंने इसे बदला ताकि लोग मुझसे जुड़ें।

सवाल: सोशल मीडिया कैसे महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है?
जवाब: यहां महिलाएं कुकिंग, ब्यूटी जैसे कई तरह की वीडियो बनाकर डाल सकती हैं। इससे वो आगे बढ़ती हैं और जब लोग उन्हें सर्च करते हैं तो उनकी बनाई वीडियो ऊपर आती है।

सोनम एम. पुरी

सोनम ने वेबिनार में बताया कि महिलाओं के लिए सोशल मीडिया पर काफी चैलेंज हैं। लोग सोशल मीडिया पर लोगों को पर्सनल मैसेज करके परेशान भी करते हैं। ये महिलाओं के लिए सोशल मीडिया पर दिक्कत पैदा करता है। सोनम ने नए ब्लॉगर्स को टिप्स देते हुए कहा कि ब्लॉगिंग के लिए प्लानिंग होना बेहद जरूरी है, न कि कुछ भी आप ब्लॉग में शामिल कर लें।

सवाल: गलत लोगों के द्वारा किए गए मैसेज यानी डीएम से कैसे निपटती हैं?
जवाब: जो मुझे फालतू के मैसेज करके परेशान करता है, मैंने ऐसे लोगों के स्क्रीनशॉट लेकर अपनी स्टोरी में डाला है। इससे लोगों को पता चलेगा कि ये व्यक्ति कैसा है। वहीं, कुछ लोगों को मैंने जवाब भी दिया, जिस पर लोग आपको ब्लॉक कर देते हैं।

सवाल: महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न पर क्या कहेंगे?
जवाब: सोशल मीडिया इतना बड़ा प्लेटफॉर्म है, जहां से हर महिला की आवाज उठाई जा सकती है। यहां हम लोगों को जागरूक भी कर सकते हैं। साथ ही हम लोगों की सोच भी सोशल मीडिया के जरिए बदल सकते हैं।
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इश्वाकी भारद्वाज

सवाल: ब्लॉगिंग शुरू करते समय क्या-क्या चैलेंज आए?
जवाब: मैंने इंजीनियरिंग की और तीसरे साल में बैक आई। मैंने बिना शर्म किए घर पर बताया कि मुझे फैशन डिजाइनिंग करनी है। मैंने ये किया और फिर नौकरी भी की। इसके बाद मैंने आगे बढ़कर अपने पैशन को फॉलो किया, जिसके लिए मैंने नौकरी के बीच में सोचा और फिर पैसे बचाए और आज मैं ब्लॉगिंग कर रही हूं।

सवाल: महिलाएं अपने रंग के कारण क्यों घबराती हैं?
जवाब: हमें अपने काम को देखना चाहिए कि जो हम कर रहे हैं वो सही है। इसका शरीर के रंग से कुछ लेना देना नहीं है। आप जो भी करें पूरे विश्वास के साथ करें।

पूरे वेबिनार को यहां देख सकते हैं:
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