पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और राज्यपाल के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बैठक में शामिल होने से अधिकारियों के इनकार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।
राज्यपाल धनखड़ ने कहा, अधिकारियों के पत्र देखकर मैं हैरान हूं। उन्होंने बैठकों में शामिल होने में असमर्थता जताई है, वह भी तब जबकि उन्हें चार दिन सूचना दी गई थी। पता नहीं, लेकिन ऐसा लगता है कि पश्चिम बंगाल में किसी तरह की सेंसरशिप है।’ राज्यपाल ने कहा कि इसके बावजूद मैं मंगलवार से शुरू हो रहे जिलों का अपना दौरा जारी रखूंगा।’ धनखड़ और राज्य की ममता बनर्जी सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद चल रहे हैं।
इस मामले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजय वर्गीय ने सत्तारूढ़ तृणमूल को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह ममता सरकार ने अभूतपूर्व तरीके से राज्यपाल का ‘अपमान’ किया, वह पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘कुछ संवैधानिक मापदंड होते हैं, जिन्हें हर राज्य सरकारों को पालन करना होता है। जिस तरह से राज्यपाल के साथ व्यवहार हो रहा है, उससे लगता है कि तृणमूल सरकार ने नए कानून बना लिए हैं और उसे देश के संविधान में भरोसा नहीं।’