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ये हैं अरिजीत के 5 सबसे बेहतरीन नगमें, आप भी सुनिए और गुनगुनाइए 

Thu, 30 Nov 2017 06:19 PM IST
काव्य डेस्क, नई दिल्ली
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अरिजीत सिंह
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अरिजीत सिंह वर्तमान में गायकी के नायाब सितारे हैं। उनकी दिलकश आवाज आज हर किसी को ठहरने के लिए मजबूर कर सकती हैं। 18 साल से गायिकी का सफर शुरू करने वाले अरिजीत सिंह के गीत ही अभी हर जगह गुनगुनाए जाते हैं। यह इस गायक की लोकप्रियता का प्रमाण है। अरिजीत खुद कहते हैं कि वह अभी कुछ दिनों के लिए गीत गाना बंद कर देंगे। वो कहते हैं कि हर जगह मेरे ही गीत सुनाई देंगे तो लोग बहुत जल्द ही मुझसे बोर हो जाएंगे। इस स्लाइड में हम आपको अरिजीत के 5 सबसे लोकप्रिय गीतों से रूबरू कराएंगे।  
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हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते...

फिल्म आशिकी 2 के इस गीत को जितनी बार सुने मन नहीं संतुष्ट होता। उत्तम सिंह और मिट्ठू के संगीत निर्देशन में आनंद बक्षी-मिट्ठू के इस गीत को अरिजीत ने कमाल की आवाज दी है। साथ में उदित नारायण, सुनीधी चौहान और अमरीश पुरी ने भी इसे गाया है। 

हम तेरे बिन अब रह नहीं सकते
तेरे बिना क्या वजोओद मेरा 2
तुझसे जुदा गर हो जायेंगे
तो ख़्हुद से ही हो जायेंगे जुदा

क्यूंकि तुम ही हो, अब तुम ही हो
ज़िन्दगी अब तुम ही हो
चैन भी, मेरा दर्द भी
मेरी आशिक़ी अब तुम ही हो

तेरा मेरा रिश्ता है कैसा
इक पल दूर गंवारा नहीं
तेरे लिये हर रोज़ है जेएते
तुझ को दिया मेरा वक़्त सभी
कोई लम्हा मेरा न हो तेरे बिना
हर सांस पे नाम तेरा

क्यूंकि तुम ही हो, अब तुम ही हो
ज़िन्दगी अब तुम ही हो
चैन भी, मेरा दर्द भी
मेरी आशिक़ी अब तुम ही हो



 

बातें ये कभी ना तू भूलना...

2015 में प्रदर्शित फिल्म खामोशियां का यह गीत हर जगह सुनाई पड़ता है। जीत गांगुली ने इसमें संगीत दिया है। गीत को सैय्यद कादरी ने लिखा है। अरिजीत ने मधुर आवाज दी है। 

बातें ये कभी ना तू भूलना
कोई तेरे खातिर है जी रहा
जाए तू कहीं, भी ये सोचना
कोई तेरे खातिर है जी रहा
तू जहां जाए महफूज़ हो
तू जहां जाए महफूज़ हो
दिल मेरा मांगे बस ये दुआ

बातें ये कभी ना तू भूलना
कोई तेरे खातिर है जी रहा
जाए तू कहीं, भी ये सोचना
कोई तेरे खातिर है जी रहा

हुमदर्द है, हमदम भी है
तू साथ है तो ज़िंदगी
तू जो कभी दूर रहे
ये हमसे हो जाए अजनबी
तुझसे मोहब्बत करते हैं जो
तुझसे मोहब्बत करते हैं जो
कैसे करें हम उसको बयां

बातें ये कभी ना तू भूलना
कोई तेरे खातिर है जी रहा
जाए तू कहीं, भी ये सोचना
कोई तेरे खातिर है जी रहा

जागी भी है रोई भी है
आंखें ये रातों में मेरे
क्यूं हर घड़ी मिलके तुझे
लगती रहे बस तेरी कमी
हम तो ना समझे तुम ही कहो
हम तो ना समझे तुम ही कहो
क्यूं तुमको पाके तुमसे जुड़ा

बातें ये कभी ना तू भूलना
कोई तेरे खातिर है जी रहा
जाए तू कहीं, भी ये सोचना
कोई तेरे खातिर है जी रहा


 

फिर ले आया दिल मजबूर...

2012 में प्रदर्शित फिल्म बर्फी का यह गीत अरिजीत की गायिकी का सबसे खूबसूरत निखार है। प्रीतम दा के संगीत में सईद कादरी के इस गीत में अरिजीत की आवाज ने चार चांद लगा दिए हैं।  

फिर ले आया दिल मजबूर
क्या कीजे
रास न आया रहना दूर
क्या कीजे
दिल कह रहा उसे मुकम्मल कर भी आओ
वो जो अधूरी सी बात बाकी है
वो जो अधूरी सी याद बाकी है

करते हैं हम आज कुबूल
क्या कीजे
हो गयी थी जो हमसे भूल
क्या कीजे
दिल कह रहा उसे मयस्सर कर भी आओ
वो जो दबी सी आस बाकी है
वो जो दबी सी आंच बाकी है

किस्मत को है ये मंज़ूर
क्या कीजे
मिलते रहे हम बादस्तूर
क्या कीजे
दिल कह रहा है उसे मुसलसल कर भी आओ
वो जो रुकी सी राह बाकी है
वो जो रुकी सी चाह बाकी है


 

अच्छा चलता हूं, दुआओं में याद रखना...

2016 में प्रदर्शित फिल्म ऐ दिल है मुश्किल में अरिजीत ने इस गीत को अपनी आवाज देकर मनोहारी बना दिया है। प्रीतम दा का संगीत है। अमित भट्टाचार्य ने इसे लिखा है। रनबीर कपूर, अनुष्का शर्मा, एश्वर्या राय बच्चन और फवाद खान ने भी इसे गाया है। 

अच्छा चलता हूँ
दुआओं में याद रखना
मेरे ज़िक्र के जुबां पे स्वाद रखना 
दिल के संदूकों में
मेरे अच्छे काम रखना
चिट्ठी तारों में भी
मेरा तू सलाम रखना
अँधेरा तेरा मैंने ले लिया
मेरा उजला सितारा तेरे नाम किया
चन्ना मेरेया मेरेया 
चन्ना मेरेया मेरेया
चन्ना मेरेया मेरेया बेलिया
ओ पिया ..
महफ़िल में तेरी
हम न रहे जो
गम तो नहीं है
गम तो नहीं है
किस्से हमारे
नज़दीकियों के
कम तो नहीं हैं
कम तो नहीं हैं
कितनी दफा सुबह को मेरी
तेरे आँगन में बैठे
मैंने शाम किया
मन की माया रख के
तेरी तकिये तले
बैरागी का सूती चोला
ओढ़ के चला …
चन्ना मेरेया मेरेया
चन्ना मेरेया मेरेया
चन्ना मेरेया मेरेया बेलिया
ओ पिया ..
तेरे रूख से अपना रास्ता
मोड़ के चला..
चन्दन हूँ मैं
अपनी ख़ुशबू छोड़ के चला..
मन की माया रख के
तेरी तकिये तले
बैरागी का सूती चोला
ओढ़ के चला …



 
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मस्त मगन...

2014 में रिलीज टू स्टेट्स का यह गीत लोगों को काफी अच्छा लगा। अमिताभ भट्टाचार्य के इस गीत को शंकर एहसान लॉय ने संगीत से सजाया है। अरिजीत की सुहावनी आवाज ने इस पूरे गीत को दिलकश बना दिया है। 

इश्क़ की धूनी रोज़ जलाए
उठता धुंआ तो कैसे छुपाएं
हो अंखियां करे जी हजूरी
मांगे है तेरी मंजूरी
कजरा सियाही, दिन रंग जाए
तेरी कस्तूरी रैन जगाए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
तेरा नाम दोहराए

चाहे भी तो भूल ना पाए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
तेरा नाम दोहराए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
तेरा नाम दोहराए

जोगिया जोग लगाके
मखरा रोग लगा के
इश्क़ की धूनी रोज़ जलाए
उठता धुंआ तो कैसे छुपाए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए

चाहे भी तो भूल ना पाए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
तेरा नाम
बस तेरा नाम दोहराए

ओढ़ के धानी रीत की चादर
आया तेरे शहर में रांझा तेरा
दुनिया ज़माना, झूठा फ़साना
जीने मरने का वादा सांचा मेरा
हो शीश-महल ना मुझको सुहाए

तुझ संग सुखी रोटी भाए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए

चाहे भी तो भूल ना पाए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
बस तेरा नाम दोहराए
मन मस्त मगन
मन मस्त मगन
तेरा नाम दोहराए

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