एसएससी ने परीक्षा प्रणाली में क्या बदलाव किए हैं?
एसएससी ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए एक नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली लागू करने की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था के तहत परीक्षा के बाद उम्मीदवारों को अपनी आपत्तियां दर्ज करने का अवसर मिलेगा, जिससे संभावित त्रुटियों को सुधारा जा सकेगा।
यदि परीक्षा में कोई प्रश्न गलत पाया जाता है, अधूरा होता है या स्पष्ट नहीं होता, तो उसे हटा दिया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि ऐसे प्रश्न के पूरे अंक सभी परीक्षार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। इससे किसी भी उम्मीदवार को गलत प्रश्न की वजह से नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।
यह फैसला क्यों लिया गया?
यह निर्णय छात्रों द्वारा की गई शिकायतों, आरटीआई के माध्यम से उठाए गए सवालों और अदालतों की टिप्पणियों के बाद लिया गया है। हाल के समय में कुछ परीक्षाओं में गलत प्रश्नों और तकनीकी समस्याओं के चलते देशभर में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। एसएससी का यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। नए नियमों के लागू होने के बाद उम्मीदवारों को गलत प्रश्नों के कारण अंक गंवाने की चिंता नहीं रहेगी।
आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने की सुविधा
नई प्रणाली के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के बाद SSC सबसे पहले प्रोविजनल (अस्थायी) आंसर की जारी करेगा। उम्मीदवार इस आंसर की की समीक्षा कर उस पर आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद विषय विशेषज्ञ इन आपत्तियों की जांच करेंगे और अंतिम आंसर की जारी की जाएगी। इससे गलत उत्तर या प्रश्नों को सुधारने का अवसर मिलेगा।
यदि किसी प्रश्न के एक से अधिक सही उत्तर होते हैं, तो जिन उम्मीदवारों ने सही विकल्प चुना होगा, उन्हें पूरे अंक दिए जाएंगे। वहीं, गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग का नियम पहले की तरह लागू रहेगा।
सिलेबस से बाहर के प्रश्न और भाषा से जुड़े नियम
यदि परीक्षा में कोई प्रश्न निर्धारित सिलेबस से बाहर पाया जाता है, तो उसे भी हटाकर उसके पूरे अंक सभी उम्मीदवारों को दिए जाएंगे। हालांकि एसएससी के अनुसार ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। इसके अलावा, आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी ने आवेदन करते समय जिस भाषा का चयन किया है, उसे उसी भाषा में परीक्षा देनी होगी। प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा, लेकिन उत्तर उसी भाषा में देना अनिवार्य होगा, जिसे उम्मीदवार ने पहले चुना है।