इन लोगों में ज्यादा दिखी यह प्रवृत्ति
जिन लोगों में नार्सिसिज्म और साइकोपैथी व्यक्तित्व वाले लक्षण अधिक होते हैं, उनमें क्वाइट क्विटिंग की संभावना और भी ज्यादा होती है। नार्सिसिस्ट व्यक्ति खुद को दूसरों से अधिक महत्वपूर्ण मानते हैं। जबकि साइकोपैथी से जुड़े लोग अक्सर दूसरों की भावनाओं और जरूरतों के प्रति कम संवेदनशील होते हैं।
शोध के मुताबिक ऐसे लोगों में विशेष अधिकार पाने की भावना बढ़ जाती है। वे अपने व्यवहार के नैतिक प्रभावों को नजरअंदाज करने लगते हैं। यही प्रवृत्ति उन्हें संगठन से भावनात्मक रूप से दूर कर सकती है। यह शोध भारत के विभिन्न क्षेत्रों के 402 वरिष्ठ प्रबंधकों पर किया गया है। इसमें आईटी, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्र के पेशेवर शामिल हैं।
शोध में नार्सिसिज्म और साइकोपैथी का क्वाइट क्विटिंग से संबंध मिला। वहीं मैकियावेलियनिज्म (सफलता या अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए छल-कपट, धोखेबाजी और अनैतिक साधनों का उपयोग करना पूरी तरह जायज मानना) से इसका कोई खास संबंध नहीं पाया गया।
क्या है क्वाइट क्विटिंग?
क्वाइट क्विटिंग का मतलब नौकरी छोड़ना नहीं, बल्कि सिर्फ उतना ही काम करना है जितना नौकरी के लिए जरूरी हो। इसमें कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां तो निभाते हैं लेकिन नए प्रयास या अतिरिक्त जिम्मेदारी से बचते हैं।