हाईकोर्ट ने किया मामले में हस्तक्षेप से इंकार
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कर्मचारी चयन आयोग द्वारा की गई नियुक्तियों की उच्च स्तरीय या सीबीआई से जांच कराने की मांग हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने जनहित याचिका दाखिल कर नियुक्तियों की जांच कराने की मांग की थी।
साथ ही दो मई 2015 को जारी विज्ञापन रद्द करने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने याचिका में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए इसे खारिज कर दिया है।
याचिका में कहा गया है कि कमीशन के चेयरमैन द्वारा 20 जनवरी 2016 को लिखे पत्र के मुताबिक घोषित परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा प्रवेश परीक्षा में गलत तरीका अपनाए जाने का संदेह है जिसकी जांच की जा रही है। कहा गया कि कमीशन कोई जांच एजेंसी नहीं है।
परीक्षा में गड़बड़ी की जांच पुलिस या सीबीआई जैसी जांच एजेंसियां करती हैं। इससे पूर्व भी सीबीआई द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच की जा चुकी है। हाईकोर्ट ने ऐसे मामले में हस्तक्षेप से इंकार करते हुए कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है जिसके लिए नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। चेयरमैन के पत्र से स्पष्ट है कि आयोग ने इस मामले पर संज्ञान ले लिया है।