भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने की पहल की है। आतिथ्य उद्योग के लिहाज से खाद्य-बेवरेज सर्विस, खाद्य उत्पादन और बेकरी, पैटिसरी आदि में युवाओं को ट्रेंड करने के साथ ही उन्हें रोजगार से जोड़ने की तैयारी है।
इसके लिए आईआरसीटीसी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘हुनर से रोजगार तक’ शुरू किया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देश भर में चलाया जाएगा। इसके पहले चरण में वाराणसी में सौ युवाओं को ट्रेनिंग दी गई है।
जल्द ही अगला ट्रेनिंग सेशन शुरू होगा। आईआरसीटीसी इसके लिए विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करेगा। ऐसे अप्रशिक्षित युवा जो न्यूनतम आठवीं पास हैं, वे इसमें शामिल हो सकते हैं।
पीएम मोदी की ‘स्किल इंडिया’ का हिस्सा है कार्यक्रम
युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार से जोड़ने की यह पहल दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्किल इंडिया’ का ही एक हिस्सा है जिसका लक्ष्य भारत को दुनिया की ‘मानव संसाधन राजधानी’ बनाना है।
पर्यटन मंत्रालय की योजना ‘हुनर से रोजगार तक’ (एचएसआरटी) के तहत अब तक आईआरसीटीसी ने अलग-अलग क्षेत्रों में 1100 अप्रशिक्षित युवाओं को प्रशिक्षित किया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य आतिथ्य उद्योग के लिहाज से कुशल और योग्य कामगार तैयार करना है।
प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों की उम्र 18 से 28 वर्ष तय की गई है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वर्दी, उपकरण किट, अध्ययन सामग्री और दोपहर का भोजन प्रदान किया जाता हैं। साथ ही, पर्यटन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार 1500 (छह सप्ताह के पाठ्यक्रम के लिए) और 2000 रुपये (आठ सप्ताह के पाठ्यक्रम के लिए) का वजीफा दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र भी दिए जाते हैं।
व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ
प्रदेश के माध्यमिक
विद्यालयों में वर्षों से काम कर रहे व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति का
रास्ता साफ हो गया है। व्यावसायिक शिक्षकों के पद सृजन के लिए निदेशक एवं
प्रमुख सचिव के अनुमोदन के बाद विभाग की ओर से इस पर अंतिम मुहर लगाने के
लिए फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी गई है।
व्यावसायिक शिक्षक संघ की
प्रदेश कार्यकारिणी की शहर में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष तेज बहादुर ने
बताया कि संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण 47 अतिथि विषय
विशेषज्ञों की संगठन की सदस्यता खत्म करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में
कहा गया कि जिला इकाई में शामिल इन सदस्यों को भी हटाने का निर्णय लिया
गया है।
ऑटो-टैक्सी ड़ाइवर भी होंगे ट्रेंड
पर्यटकों के साथ कैसा व्यवहार करें, कैसे उनकी सुरक्षा और सुविधा का ख्याल रखें इन सभी पहलुओं पर आईआरसीटीसी ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को प्रशिक्षित करेगी। वाराणसी सहित सभी प्रमुख शहरों के पंजीकृत ऑटो-टैक्सी चालकों को इस तरह ट्रेंड किया जाएगा कि पर्यटकों से अच्छा व्यवहार और मजबूत संबंध बनाने का उद्देश्य पूरा हो सके। इन्हें आईआरसीटीसी की वेबसाइट से जोड़कर भी रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है।