नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी अलग-अलग परीक्षाओं के लिए ऑब्जर्वर का पैनल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए देशभर के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में काम कर रहे या रिटायर हो चुके योग्य लोगों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। ये ऑब्जर्वर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और पेन-पेपर परीक्षा (PPT) के आयोजन में जिम्मेदारी निभाएंगे। एनटीए ने इसके लिए आवेदन की तारीखें और जरूरी शर्तें जारी कर दी हैं। इच्छुक उम्मीदवार 7 नवंबर से 6 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कौन-कौन आवेदन कर सकता है?
- एनटीए के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों, सरकारी कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों और दूसरे सरकारी स्कूलों के योग्य लोग आवेदन कर सकते हैं।
- इसमें सेवारत और रिटायर्ड शिक्षक और प्रोफेसर भी शामिल हैं।
- इसके अलावा भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के रिटायर्ड अधिकारी भी तय शर्तों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदक के खिलाफ कोई विभागीय या सतर्कता से जुड़ी जांच लंबित नहीं होनी चाहिए। उन्हें शारीरिक रूप से फिट होना जरूरी है।
- जरूरत पड़ने पर अपने शहर से बाहर जाकर ड्यूटी करने के लिए भी तैयार रहना होगा।
कितनी उम्र वाले लोग कर सकते हैं आवेदन?
एनटीए ने आवेदकों को तीन श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में केंद्र या राज्य सरकार के ऐसे रिटायर्ड अधिकारी शामिल हैं, जो सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स में पे लेवल-8 से ऊपर के पद पर रहे हों। आवेदन की आखिरी तारीख तक उनकी उम्र 60 से 65 साल के बीच होनी चाहिए। दूसरी श्रेणी में सेना और सीएपीएफ के सूबेदार मेजर या उनके बराबर और उससे ऊपर के रैंक से रिटायर हुए अधिकारी शामिल हैं। इनकी उम्र 65 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इनके लिए न्यूनतम उम्र की अलग शर्त नहीं है।
सेवारत और रिटायर्ड शिक्षकों के लिए क्या नियम हैं?
तीसरी श्रेणी में सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के सेवारत और रिटायर्ड शिक्षक व प्रोफेसर शामिल हैं। रिटायर हो चुके शिक्षकों की उम्र आवेदन की आखिरी तारीख तक 60 से 65 साल के बीच होनी चाहिए। वहीं, सेवारत शिक्षकों के लिए उम्र की अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। हालांकि, उन्हें अपने संस्थान से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना होगा और उनकी नौकरी का रिकॉर्ड संतोषजनक होना चाहिए। तीनों श्रेणियों में चुने गए लोगों को दो साल के लिए अनुबंध पर रखा जाएगा। यानी यह नियुक्ति स्थायी सरकारी नौकरी नहीं होगी।
विदेश में परीक्षा होने पर कौन बनेगा ऑब्जर्वर?
एनटीए ने विदेश में बनाए जाने वाले परीक्षा केंद्रों के लिए भी नियम तय किए हैं। ऐसे केंद्रों पर उसी शहर में रहने वाले भारतीय नागरिकों को ऑब्जर्वर बनाया जाएगा। इनमें भारतीय दूतावास, उच्चायोग या वाणिज्य दूतावास में काम कर रहे या रिटायर हो चुके अधिकारी शामिल हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय के रिटायर्ड अधिकारी और वहां रहने वाले दूसरे योग्य भारतीय नागरिक भी इस जिम्मेदारी के लिए चुने जा सकते हैं। भारत में पैनल में शामिल ऑब्जर्वर को विदेश में तभी भेजा जाएगा, जब वहां योग्य स्थानीय व्यक्ति उपलब्ध न हो। ऐसी स्थिति में अलग शर्तें बताई जाएंगी।
आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?
- आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी फोटो पहचान पत्र और मौजूदा नियुक्ति या सेवा प्रमाणपत्र देना होगा।
- सेवारत कर्मचारियों को अपने विभाग या संस्थान से सतर्कता मंजूरी प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
- इसमें यह बताया जाएगा कि उनके खिलाफ कोई विभागीय या सतर्कता जांच लंबित नहीं है।
- रिटायर्ड उम्मीदवारों को अपने रहने के स्थान की पुलिस से जारी चरित्र प्रमाणपत्र या पुलिस सत्यापन प्रमाणपत्र देना होगा।
- यह प्रमाणपत्र आवेदन की तारीख से पिछले 12 महीने से ज्यादा पुराना नहीं होना चाहिए।
- इसके साथ रिटायरमेंट के समय की सतर्कता मंजूरी से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।
क्या हितों के टकराव की जानकारी भी देनी होगी?
आवेदकों को एक घोषणा पत्र भी देना होगा। इसमें बताना होगा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या विभागीय जांच लंबित नहीं है और उन्हें नैतिकता से जुड़े किसी अपराध में सजा नहीं मिली है। इसके अलावा उन्हें यह भी बताना होगा कि एनटीए की परीक्षा में उनका कोई करीबी रिश्तेदार उम्मीदवार तो नहीं है। कोचिंग या परीक्षा की तैयारी कराने वाले संस्थान में उनकी कोई आर्थिक या दूसरी हिस्सेदारी तो नहीं है। परीक्षा की तैयारी से जुड़ी किताबों या सामग्री के प्रकाशन में उनकी कोई भूमिका है या नहीं, इसकी जानकारी भी देनी होगी। यह घोषणा हर बार ड्यूटी मिलने से पहले अपडेट करनी होगी।