नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए अब वे अपनी अधूरी डिग्री पूरी करने के लिए एक बार फिर परीक्षा दे सकेंगे। विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन 10, 11 और 25 नवंबर के तहत विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों को यह अतिरिक्त अंतिम अवसर दिया है।
यह मौका उन विद्यार्थियों के लिए है जो पाठ्यक्रम की निर्धारित अवधि पूरी नहीं कर पाए अथवा जिनके अधिकतम परीक्षा अवसर समाप्त हो चुके हैं। आईपीयू के अनुसार जून 2026 तक जिनके सभी निर्धारित परीक्षा अवसर समाप्त हो चुके हैं, वे इसका लाभ उठा सकेंगे। इसमें विषम और सम सेमेस्टर की परीक्षाएं शामिल होंगी। केवल वही विद्यार्थी पात्र होंगे जिन्होंने अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी की हो। साथ ही परीक्षा योजना के तहत मिलने वाले सभी अवसरों का इस्तेमाल कर लिया हो। अतिरिक्त अंतिम अवसर के लिए परीक्षाएं केवल ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएंगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर तय की गई है।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
जिन विद्यार्थियों के पास डिग्री पूरी करने के लिए अभी नियमित परीक्षा अवसर बाकी हैं, वे इसका लाभ नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा महीने से संबंधित अंतिम अवसर का लाभ लेने के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ उन पेपरों की सूची भी देनी होगी जिनमें वे परीक्षा देना चाहते हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदन पर संबंधित डीन, डायरेक्टर या प्रिंसिपल के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।
आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
आईपीयू की इस विशेष परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थियों को 6 नवंबर तक आवेदन करना होगा। इसके बाद आवेदन स्वीकार किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए पात्र विद्यार्थियों को आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। आवेदन के साथ उन सभी विषयों की सूची देनी होगी, जिनमें वे दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं। साथ ही संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर वाला आवेदन जमा करना होगा। विद्यार्थियों को सलाह है कि वे विश्वविद्यालय की ओर से जारी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें, ताकि आवेदन में किसी तरह की गलती न हो और उनका फॉर्म रद्द न हो।
कितनी फीस देनी होगी और परीक्षा कब होगी?
इस विशेष परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को तय शुल्क जमा करना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 25 हजार रुपये जुर्माना शुल्क देना होगा। इसके अलावा हर विषय की परीक्षा के लिए 1,200 रुपये अलग से जमा करने होंगे। यानी कुल शुल्क इस बात पर निर्भर करेगा कि विद्यार्थी कितने विषयों की परीक्षा देना चाहता है। विश्वविद्यालय की योजना के मुताबिक, ये परीक्षाएं दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना देखते रहना चाहिए।