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Ex-Servicemen Jobs: सेना से रिटायर अग्निवीरों और सैनिकों को रेलवे देगा नौकरी, नया फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन लागू

Fri, 27 Feb 2026 04:13 PM IST
Akash Kumar जॉब्स डेस्क, अमर उजाला

सार

Army Personnel Jobs: भारतीय रेल और भारतीय सेना ने अग्निवीरों व पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार देने के लिए 'फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन' शुरू किया है। रेलवे में आरक्षण, कॉन्ट्रैक्ट पर पॉइंट्समैन भर्ती और विशेष सहायता तंत्र के जरिए नागरिक जीवन में सहज बदलाव सुनिश्चित किया जाएगा।
 
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Indian Army - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Army Personnel Jobs: भारतीय रेल और भारतीय सेना ने संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए एक नया 'फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन' लागू किया है। इसका उद्देश्य अग्निवीरों और सेवानिवृत्त सैनिकों को सैन्य सेवा के बाद बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें नागरिक जीवन में सुगम बदलाव में मदद देना है।

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यह पहल सेना और रेल मंत्रालय के वरिष्ठ नेतृत्व की देखरेख में शुरू की गई है। इसके तहत रेलवे में उपलब्ध नौकरियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी और रिटायर होने वाले सैनिकों के लिए एक समर्पित सहायता तंत्र तैयार किया जाएगा।

आरक्षण और रोजगार के अवसर

रेलवे की नीति के तहत:
  • पूर्व सैनिकों के लिए लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 10% क्षैतिज आरक्षण तथा लेवल-1 पदों में 20% आरक्षण है।
  • पूर्व अग्निवीरों के लिए लेवल-2/ऊपर के पदों में 5% और लेवल-1 में 10% आरक्षण निर्धारित किया गया है।
  • साल 2024 और 2025 में रेलवे की भर्तियों में कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए, जिनमें 6,485 पद लेवल-1 और 8,303 पद लेवल-2/ऊपर के थे।

भर्ती प्रक्रिया और नई पहल

लेवल-1 (पूर्व ग्रुप डी) की भर्ती रेलवे भर्ती केंद्र (RRC) और लेवल-2/ऊपर की भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा की जाती है।

रिक्तियों को तेजी से भरने के लिए रेलवे ने निर्णय लिया है कि नियमित भर्ती पूरी होने तक पूर्व सैनिकों को 'प्वाइंट्समैन' पद पर संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। वर्तमान में 5,000 से अधिक लेवल-1 पदों की प्रक्रिया जोनल और डिविजन स्तर पर चल रही है। अब तक 9 रेलवे डिविजनों ने सेना संगठनों के साथ एमओयू किए हैं।
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रणनीतिक सहयोग भी मजबूत

रेलवे और सेना के बीच सहयोग लॉजिस्टिक्स और जवानों की आवाजाही में अहम भूमिका निभाता है। Dedicated Freight Corridors और Udhampur-Srinagar-Baramulla Rail Link जैसी परियोजनाओं ने सेना की त्वरित तैनाती क्षमता को मजबूत किया है।

यह फ्रेमवर्क पूर्व सैनिकों के अनुभव, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे और सुरक्षा समन्वय को और सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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