PET प्रमाणपत्र की वैधता
यूपी पीईटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का स्कोर 3 वर्षों तक मान्य रहेगा, यदि कोई उम्मीदवार चयनित नहीं होता है, तो उसे अगले वर्ष फिर से PET परीक्षा में शामिल होना पड़ सकता है।
कैसे होगा चयन प्रक्रिया
पीईटी परीक्षा को केवल एक प्रारंभिक योग्यता परीक्षा के रूप में देखा जाता है। पीईटी पास करने के बाद उम्मीदवारों को आयोग द्वारा संबंधित पदों के लिए जारी मुख्य परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट, फिजिकल टेस्ट या इंटरव्यू में भाग लेने का अवसर मिलता है। चयन की यह प्रक्रिया पद के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, लेकिन पीईटी पास किए बिना कोई भी उम्मीदवार आगे की प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकता।
किन पदों के लिए अनिवार्य है पीईटी परीक्षा?
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। यदि आप निम्नलिखित पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो पीईटी में शामिल होना आपके लिए जरूरी है:
- राजस्व लेखपाल
- ग्राम पंचायत अधिकारी
- वन रक्षक एवं वन्य जीव रक्षक
- आईटीआई अनुदेशक
- सहायक बोरिंग टेक्नीशियन
- एक्स-रे टेक्नीशियन
- एग्रीकल्चर असिस्टेंट
- राजस्व विभाग में जूनियर असिस्टेंट
- अकाउंटेंट एवं ऑडिटर
- गन्ना विभाग में सर्वेयर
- यूपी एएनएम एवं मंडी परिषद संयुक्त संवर्ग
- सम्मिलित तकनीकी सेवाएं
इन सभी Group 'C' पदों पर आवेदन के लिए पीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य शर्त है। पीईटी क्वालीफाई किए बिना इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता।