पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में नया कदम
आयोग का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाना है। पहले उम्मीदवारों को उत्तर कुंजी देखने के लिए परिणाम प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब वे समय रहते अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे।
यूपीएससी के अनुसार, अभ्यर्थी अपने ओएमआर उत्तरों की जांच आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से कर पाएंगे। यदि किसी प्रश्न या उत्तर को लेकर उन्हें संदेह होता है, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आपत्ति भी दर्ज कर सकेंगे। आयोग ने संकेत दिए हैं कि 31 मई 2026 तक उम्मीदवारों को उत्तर कुंजी और अपने उत्तर देखने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
आपत्ति दर्ज कराने के लिए देने होंगे तीन साक्ष्य
आयोग ने स्पष्ट किया है कि आपत्ति प्रक्रिया को गंभीर और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए कुछ कड़े नियम तय किए गए हैं। किसी भी प्रश्न पर चुनौती देने वाले अभ्यर्थी को यह स्पष्ट बताना होगा कि उसके अनुसार सही उत्तर क्या है और वह किस आधार पर दावा कर रहा है।
साथ ही उम्मीदवारों को अपने दावे के समर्थन में कम से कम तीन विश्वसनीय स्रोतों, मानक पुस्तकों या प्रामाणिक दस्तावेजों के प्रमाण भी अपलोड करने होंगे। आयोग द्वारा गठित विषय विशेषज्ञों की समिति इन सभी दावों और दस्तावेजों की जांच करेगी। विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही अंतिम आंसर-की तैयार की जाएगी।