ऑफिसर सोनल गोयल ने एक पोस्ट में अपनी यूपीएससी सीएसई (UPSC CSE 2007) मेन्स मार्कशीट मिलने पर उन्होंने अपनी तैयारी के दिनों के बारे में बताते हुए कहा कि मार्कशीट ने उन्हें उन ट्रायल्स की याद दिला दी जिसके कारण मई 2008 में उनका अंतिम चयन हुआ।
ऐसे समय में जब अपना पहला प्रयास देने के साथ-साथ बार-बार प्रयास करने वाले अभ्यर्थी परीक्षा पैटर्न और परीक्षा में सफल होने की अपनी संभावनाओं को लेकर परेशान रहते हैं, इस सोशल मीडिया पोस्ट ने कई लोगों और परीक्षा की तैय्यारी कर रहें उम्मीदवारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सोनल गोयल बताती हैं कि कैसे मेन्स में सामान्य अध्ययन के पेपर में कम अंक आने के कारण उन्हें साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने की ठानी और दोबारा तैयारी में लग गईं।
वह बताती हैं कि कैसे उन्होंने सामान्य अध्ययन के पेपर में महारत हासिल की और नोट्स बनाने, बार-बार दोहराने और उत्तर लिखने पर जोर देकर मेन्स के सभी पहलुओं में सुधार किया।
आईएएस सोनल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी और सीएस - कंपनी सचिव के रूप में अंशकालिक नौकरी करते हुए परीक्षा की तैयारी की। उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप न केवल परीक्षा उत्तीर्ण हुई, बल्कि उन विषयों में भी अच्छे अंक प्राप्त हुए, जिनकी तैयारी के लिए उन्होंने समय दिया था।
अपने प्रेरक पोस्ट के माध्यम से सोनल गोयल ने उम्मीदवारों को याद दिलाया कि यदि पूरे समर्पण के साथ लगातार प्रैक्टिस की जाए तो को लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं रह जाता है।
कई एक्स उपयोगकर्ताओं ने उन्हें इस प्रेरणा के लिए बधाई दी और धन्यवाद दिया, खासकर उन उम्मीदवारों ने, जो आगामी यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।