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यूपीएससी एपीएफसी परीक्षा: सिर्फ मॉक टेस्ट देना नहीं, गलतियों का विश्लेषण भी है जरूरी; कैसे करें तैयारी? जानें

Wed, 09 Sep 2026 02:59 PM IST
शाहीन परवीन मुकेश श्रीवास्तव, एग्जाम एक्सपर्ट

सार

यूपीएससी एपीएफसी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए सही रणनीति बेहद जरूरी है। मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी को परखें और हर गलती का विश्लेषण करें, ताकि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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Exam - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (एपीएफसी) की रिक्तियां निकाली गई हैं। जो अभ्यर्थी पहली बार इस परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, उन्हें अपनी तैयारी के लिए अपेक्षाकृत अधिक समय और मेहनत देनी होगी। प्रतियोगी परीक्षा की निर्धारित तिथि 20 दिसंबर, 2026 को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों के पास लगभग चार माह का समय उपलब्ध है। अतः इस अवधि का उचित एवं योजनाबद्ध उपयोग करते हुए परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करना अत्यंत आवश्यक है।

परीक्षा को समझें

सभी अभ्यर्थियों के लिए 120 प्रश्नों एवं 300 अंकों की यह परीक्षा दो घंटे की अवधि में ऑफलाइन (ओएमआर आधारित) आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में अभ्यर्थी पहले आसान प्रश्न हल कर सकते हैं और कठिन प्रश्नों को बाद में करने के लिए छोड़ सकते हैं। इससे उन्हें समय का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलती है।  परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी और हिंदी, दोनों में होगा। इस परीक्षा में एक-तिहाई नकारात्मक अंकन का प्रावधान भी है।

45 से 60 दिनों का प्लान बनाएं

प्रारंभिक 45 से 60 दिनों को तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण चरण मानते हुए इस अवधि में परीक्षा के सिलेबस में शामिल सभी विषयों एवं टॉपिक्स का एक बार गहन एवं व्यवस्थित अध्ययन कर लेना चाहिए। इस दौरान पहले से तैयार टॉपिक्स का रिवीजन भी हो जाएगा, जिससे उन विषयों पर पकड़ और अधिक मजबूत होगी। साथ ही, अध्ययन के दौरान जिन विषयों अथवा टॉपिक्स में कठिनाई महसूस हो, उनकी पहचान कर उन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

प्रश्न-अभ्यास से तैयारी को मजबूत बनाएं

रिवीजन के साथ-साथ पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र को हल करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके माध्यम से परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्तर, पैटर्न एवं महत्वपूर्ण टॉपिक्स को समझने में सहायता मिलती है। इसके साथ ही गणित एवं रीजनिंग के उच्च-स्तरीय प्रश्नों का नियमित अभ्यास करना चाहिए, ताकि कठिन एवं समय लेने वाले प्रश्नों को भी कम समय में सटीकता के साथ हल करने की क्षमता विकसित हो सके। इस चरण में प्रश्न हल करने के साथ गलतियों का विश्लेषण कर उन्हें दूर करना भी आवश्यक है, ताकि आपकी तैयारी मजबूत हो।
  • परीक्षा के सिलेबस में शामिल सभी विषयों एवं टॉपिक्स का गहन एवं व्यवस्थित अध्ययन करें।
  • अध्ययन के दौरान कमजोर विषयों एवं कठिन टॉपिक्स की पहचान करें और उन पर विशेष ध्यान दें।
  • प्रत्येक विषय की मूल अवधारणाओं को स्पष्ट करने पर विशेष जोर दें।
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एक्यूरेसी एवं टाइम मैनेजमेंट पर फोकस करें

इस चरण में किसी भी विषय के नए टॉपिक का अध्ययन न करें, बल्कि अब तक पढ़े हुए टॉपिक्स के रिवीजन के साथ-साथ उन पर आधारित मॉडल एवं प्रैक्टिस पेपर का नियमित अभ्यास करें। चौथे चरण में मार्च 2026 से अक्तूबर 2026 तक के करंट अफेअर्स को व्यवस्थित रूप से तैयार कर लें। साथ ही, अपनी एक्यूरेसी एवं टाइम मैनेजमेंट का स्वमूल्यांकन करें, ताकि कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर उनमें आवश्यक सुधार किया जा सके। प्रतिदिन आठ से नौ घंटे का समय स्वाध्याय के लिए निर्धारित करते हुए अपनी एक निश्चित एवं संतुलित दिनचर्या बनाएं और उसका नियमित रूप से पालन करें।

भारतीय वायु सेना ने AFCAT 2 2026 का रिजल्ट और कटऑफ जारी कर दिया है। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से आधिकारिक लॉगिन पोर्टल पर परिणाम और कटऑफ चेक कर सकते हैं। रिजल्ट में उम्मीदवार अपनी योग्यता स्थिति भी देख सकते हैं।
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