आरओ/एआरओ की परीक्षा तिथि क्यों बदली गई?
मुख्य परीक्षा की पुरानी तिथियां अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की कनिष्ठ सहायक 2024 परीक्षा से टकरा रही थीं। अभ्यर्थी लगातार परीक्षा तिथि में बदलाव की मांग कर रहे थे, जिसे ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किया गया है। आधिकारिक नोटिस नीचे उपलब्ध है...
आरओ/एआरओ मुख्य परीक्षा की तिथि पहले क्या थी?
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ओर से पूर्व में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी-2023 मुख्य परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी, 2026 को होनी थी। हालांकि, अब परीक्षा तिथियों में बदलाव किया गया है। इसके माध्यम से कुल 419 पदों पर भर्ती की जाएगी।
जुलाई 2025 में हुई थी प्रारंभिक परीक्षा
यह परीक्षा विवादित रहने के साथ कई अन्य कारणों से खास रही। प्रारंभिक परीक्षा पूर्व में 11 फरवरी 2024 को हुई थी लेकिन पेपर लीक के कारण निरस्त कर दी गई थी। बाद में प्रारंभिक परीक्षा 27 जुलाई 2025 को दोबारा कराई गई। पेपर लीक होने के कारण परीक्षा प्रारूप में कई बदलाव किए गए थे।
इसके अलावा आयोग की ओर से विज्ञापन में 411 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन 16 सितंबर को 419 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। इस तरह से बाद में आठ पद बढ़ गए।
- 11 फरवरी, 2024 को हुई थी प्रारंभिक परीक्षा जो बाद में रद्द हो गई।
- 27 जुलाई, 2025 को प्रारंभिक परीक्षा दोबारा हुई।
- 16 सितंबर, 2025 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी हुआ।
इस भर्ती के लिए कुल 1076004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन इनमें से 454589 ही शामिल हुए। प्रारंभिक परीक्षा में समीक्षा अधिकारी के 338 पदों के सापेक्ष 6093 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। वहीं,सहायक समीक्षा अधिकारी के 79 पदों के लिए 1386 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं।
सहायक समीक्षा अधिकारी लेखा के दो पदों के लिए 30 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। मुख्य परीक्षा के लिए प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर कुल 7455 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं।
- 10,76,004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया।
- 4,54,589 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए।
- प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर कुल 7455 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए।
आधिकारिक नोटिस देखें...
तैयारी को अंतिम रूप देने का समय
मुख्य परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है, जिसका कुल पूर्णांक 400 होता है। इसलिए उम्मीदवारों को अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने पर ध्यान देना चाहिए। मुख्य विषयों की दोहराई, उत्तर लेखन का अभ्यास, समय-प्रबंधन और पिछले वर्षों के पेपर हल करना इस चरण में सबसे अधिक उपयोगी होंगे।
साथ ही, रोजाना तय समय पर अध्ययन और अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारने की रणनीति अपनाकर अभ्यर्थी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।