पहली बार एक ही पाली में हुई परीक्षा
पहली बार आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा एक सत्र में आयोजित की गई। पहले यह परीक्षा दो सत्रों में होती थी जिसमें सामान्य अध्ययन व हिंदी के प्रश्न पत्र होते थे लेकिन इस बार दोनों प्रश्न पत्रों को समायोजित करते हुए एक सत्र में तीन घंटे की परीक्षा आयोजित की गई।
अयोध्या में सर्वाधिक और रामपुर में सबसे कम उपस्थिति दर्ज
आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 2023 के लिए प्रयागराज में 106 केंद्र बनाए गए थे और 42032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 47.61 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। सर्वाधिक 52.81 फीसदी उपस्थिति अयोध्या और सबसे कम 25.78 फीसदी उपस्थिति रामपुर में रही। चित्रकूट में 52.60 फीसदी, गाजीपुर में 50.68, गोंडा में 52.32, जौनपुर में 51.68, अमेठी में 51.58, प्रतापगढ़ में 50.50, सीतापुर में 50.23 और लखनऊ में 48.89 फीसदी अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कैसा रहा आरओ/एआरओ पेपर?
यूपीपीएससी आरओ/एआरओ परीक्षा 2025 का आयोजन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एक ही शिफ्ट में किया गया। परीक्षा का स्तर सामान्य रूप से "मॉडरेट" यानी मध्यम दर्जे का बताया जा रहा है। जनरल स्टडीज (GS) सेक्शन में कुछ सवाल उलझाने वाले थे, हालांकि कुल मिलाकर यह पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा आसान माना गया।
हिंदी भाषा के खंड में पर्यायवाची शब्दों और तत्सम-तद्भव से जुड़े प्रश्नों ने छात्रों को खासा परेशान किया। वहीं, मॉडर्न हिस्ट्री से जुड़े कुछ सवाल अपेक्षाकृत कठिन बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर पेपर संतुलित था।