सामान्य हिंदी का महत्व
अन्य विषयों के साथ-साथ अगर आप हिंदी की भी सुनियोजित तरीके से तैयारी करते हैं, तो आपके इस परीक्षा में सफल होने के चांस बहुत हद तक बढ़ सकते हैं। पिछले वर्षों के आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा कट-ऑफ (सामान्य वर्ग) के विश्लेषण के आधार पर अभ्यर्थियों का लक्ष्य कम-से-कम 130-140 अंक अर्जित करने का होना चाहिए।
इस परीक्षा में सफल होने में सामान्य हिंदी (पेपर II) की निर्णायक भूमिका होती है, क्योंकि यह साठ अंकों का एक अलग पेपर होता है। सही रणनीति से की गई तैयारी आपको इस पेपर में 55 या उससे अधिक अंक दिलवा सकती है। साथ ही, इससे आपको सामान्य अध्ययन में बिना जोखिम लिए 140 में से 80 से 90 प्रश्न ही सही करने होंगे।
हिंदी की तैयारी सबसे आसान
करियर काउंसलर के अनुसार, यदि सामान्य हिंदी के सिलेबस का विश्लेषण करें, तो आपको विलोम शब्द, तद्भव तत्सम, विशेषण-विशेष्य, पर्यायवाची, वाक्य/वर्तनी शुद्धि आदि की तैयारी करनी होगी। इसके लिए पर विगत वर्षों के प्रश्न-पत्रों का अभ्यास करना पर्याप्त है। आप चाहें तो इसकी तैयारी छठीं से 10वीं तक के सिलेबस के आधार पर कर सकते हैं।
एनसीईआरटी किताबों को दें महत्व
पेपर-I यानी सामान्य अध्ययन (जीएस) से जुड़े विषयों सामान्य विज्ञान, इतिहास (प्राचीन मध्ययुगीन भारत/आधुनिक भारत), अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भारत और विश्व का भूगोल, कृषि एवं पर्यावरण से संबंधित टॉपिक्स की तैयारी आप छठीं से बारहवीं तक की एनसीईआरटी की पुस्तकों को आधार बनाकर कर सकते हैं। इसके अलावा, खुद के बनाए गए नोट्स से भी परीक्षा की तैयारी को आसान बनाया जा सकता है।
रीजनिंग में शत-प्रतिशत अंक
रीजनिंग खंड में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करना बेहद आसान है, बशर्ते इसके लिए आपको विगत वर्षों में पूछे गए सवालों के स्तर के आधार पर अपनी तैयारी करनी होगी। इसके लिए निरंतर अभ्यास करना बेहद जरूरी है।
करंट अफेअर्स से रहें अपडेट
परीक्षा में करंट अफेअर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए इसकी तैयारी के लिए हर महीने समसामयिक मुद्दों पर प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिकाओं एवं समाच्चार-पत्रों को नियमित रूप से पढ़ें। इसके अलावा आप ऑनलाइन या ऑफलाइन मॉक टेस्ट में भी शामिल हो सकते हैं।