UPPSC Exam: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से जून में प्रस्तावित तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन पर भी संकट मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री ने 30 जून तक सामूहिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रतियोगी छात्रों ने इसी आदेश का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि जून में प्रस्तावित तीन बड़ी परीक्षाओं को स्थगित करने का आदेश जारी किया जाए, ताकि परीक्षाओं के आयोजन को लेकर असमंजस खत्म हो और तनाव में आए छात्रों को भी राहत मिल सके।
यूपीपीएससी के कैलेंडर में सात जून को सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य चयन/विशेष चयन) परीक्षा-2019 प्रस्तावित है। इसके तहत सहायक अभियंता के 712 पदों पर भर्ती होनी है, जिनमें सामान्य चयन के 692 और विशेष चयन के 20 पद शामिल हैं। इसके अलावा पीसीएस-2020 के तहत दो सौ पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं 30 जून को उद्योग विभाग के तहत सहायक प्रबंधक (गैर तकनीकी) स्क्रीनिंग परीक्षा-2016 का आयोजन किया जाना है। अब इन तीनों परीक्षा के आयोजन पर संकट मंडरा रहा है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय एवं अन्य प्रतियोगी छात्रों ने मुख्यमंत्री के साथ आयोग के अध्यक्ष को भी पत्र भेजकर तीनों परीक्षाएं स्थगित करने की मांग की है। पत्र में लिखा है कि सीएम ने 30 जून तक सामूहिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। ऐसे में परीक्षाएं कैसे कराई जा सकती हैं। इसके बावजूद यूपीपीएससी की ओर से जून में प्रस्तावित तीनों भर्ती परीक्षाओं को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रयागराज में रहने वाले लाखों प्रतियोगी छात्र अपने घर लौट चुके हैं, जो लॉकडाउन में फंसे हैं, वे मानसिक अवसाद का शिकार हो रहे हैं। डेलीगेसी में रहने वाले छात्र दिनभर राशन के लिए भटक रहे हैं। आर्थिक संकट झेल रहे छात्र चौतरफा मुसीबत से घिरे हुए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी है, जो पहले से नौकरी कर रहे हैं और संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार के लिए नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे हैं। इन अभ्यर्थियों ने भी पीसीएस के उच्च पदों पर भर्ती के लिए आवेदन किए हैं। उनके लिए भी परीक्षा की तैयारी कर पाना संभव नहीं रह गया है। सीएम से मांग की गई है कि आयोग जून में प्रस्तावित परीक्षाओं को स्थगित किए जाने पर तत्काल निर्णय ले, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और प्रतियोगी छात्र भी तनाव से मुक्त हों।