ऑटोमोबाइल क्षेत्र में डिग्री धारकों को प्रारंभ में 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह तथा डिप्लोमाधारकों को 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। अनुभव बढ़ने के साथ-साथ यह वेतन भी तेजी से बढ़ता जाता है। ऑटोमोबाइल भले ही इंजीनियरिंग की पुरानी शाखा हो, मगर उससे जुड़ी नई से नई विधाएं रोजगार के अपार अवसर प्रदान करती हैं। जमाना डिजाइनर्स ट्रेंड का है, तो कार या बाइक क्यों पीछे रहें। आजकल विदेशों में ही नहीं, भारत में भी डिजाइनर कार या बाइक का चलन जोर-शोर से प्रारंभ हो गया है।
इसमें कारों एवं अन्य वाहनों को मनचाहा रंग दिया जा सकता है या कई रंगों का समावेश किया जा सकता है। यही नहीं, वाहनों को आकर्षक बनाते हुए मनचाहे आकार भी दिए जा सकते हैं। यानी कार या बाइक वही फिर भी लगे बिलकुल नई एवं विशिष्ट। चूंकि डिजाइनर बाइक या कार पैसे वालों की पसंद है इसलिए यहां मुंह-मांग धन मिलता है।
उल्लेखनीय है कि आकर्षक वेतन और हर संभव सुविधा देकर ऑटोमोबाइल कंपनी अपने लिए उपयोगी, काबिल ऑटोमोबाइल इंजीनियर रखती हैं और कार या वाहन का प्रभावी मॉडल तैयार कराती हैं। यह मॉडल बाजार पसंद की मांग बन जाते हैं और भारी मात्रा में बिकते हैं। अब जो ऑटोमोबाइल कंपनी को वाहनों के निर्माण के जितने आकर्षक आइडियाज देगा, जाहिर है कि कंपनी उसका वेतन उतना ही ज्यादा बढ़ाएगी, ताकि वह कंपनी में बना रहे और दूसरी कंपनी में न जाए।
चूंकि हर ऑटो निर्माता कंपनी ऐसे काबिल इंजीनियर की तलाश में रहती है और उसे अपनी ओर खींचने के लिए हरसंभव प्रयास करती है। ऐसा आकर्षण केवल देश में ही नहीं, विदेश में भी है। इस तरह से एक बार विदेशी कंपनी में पहुंचे नहीं कि रास्ते और भी ज्यादा खुल जाते हैं। जब आप विभिन्न कंपनियों में लम्बा अनुभव प्राप्त कर लेते हैं तो एक लाभ यह भी है कि ऋण की व्यवस्था कर आप स्वरोजगार भी प्रारंभ कर सकते हैं।
प्रमुख संस्थान:
- इंस्टीट्यूट ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी, इरोड, तमिलनाडु
- जीबी पंत पॉलीटेक्निक, ओखला, दिल्ली
- पूसा पॉलीटेक्निक, पूसा कॉम्प्लेस, नई दिल्ली
- गुरु तेग बहादुर पॉलीटेक्निक, वसंत विहार, नई दिल्ली
- मलंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, हासन, कर्नाटक
- हिन्दुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मथुरा
- एम.एच. साबू सिद्धिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, 8 शैफर्ड रोड, मुंबई