स्वीकृति मिलने ही आयोग भर्ती के लिए जारी करेगा विज्ञापन
यह बदलाव इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि जो अभ्यर्थी असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर छात्र-छात्राओं को पढ़ाएंगे, उनके असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के पहले विषय के प्रति उनकी समझ को गहराई से परखा जा सके। यूपीपीएससी की ओर से इन दोनों बदलावों से संबंधित प्रस्ताव शासन को काफी पहले भेजा जा चुका है। शासन ने परीक्षण के लिए प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजा था और उच्च शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षा निदेशालय से टिप्पणी मांगी थी।
सूत्रों का कहना है कि निदेशालय ने अपनी टिप्पणी के साथ पाठ्यक्रमों मंजूरी दे दी है। अब शासन से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है। शासन से स्वीकृति मिलने ही आयोग भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा।