कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा 2015 की आवेदन की अंतिम तिथि तक मध्य क्षेत्र में छह लाख 70 हजार से अधिक आवेदन पहुंच गए।
आयोग की ओर से आवेदन की अंतिम तिथि छह जून से बढ़ाकर 11 जून कर दिए जाने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो चुके युवाओं को मौका मिला है। इससे पचास हजार युवा जो आवेदन से बाहर हो रहे थे, उन्हें एक अवसर मिल गया।
पहले कुछ पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने आवेदन की तिथि बढ़ाए जाने के बाद सभी पदों के लिए आवेदन कर लिया। ऐसे में उनका पहले वाला आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। इस प्रकार निरस्त होने वाले आवेदनों की संख्या 10 हजार से अधिक है।
इस बार आवेदन करने वालों की संख्या कम
आयोग की ओर से सीजीएल के लिए ऑन लाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन मांगे गए। आवेदन के अंतिम दिन तक बड़ी संख्या में ऑन लाइन एवं ऑफलाइन आवेदन आए।
एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि सीजीएल 2013 एवं 2014 की परीक्षाओं में आयोग की ओर से बरती गई सख्ती के कारण इस बार आवेदन करने वालों की संख्या कम हुई है। 2014 में सीजीएल में आवेदन करने वालों की संख्या जहां सात लाख पांच हजार के लगभग थी, इस बार यह संख्या कम हो गई।
उन्होंने बताया कि अबकी बार दूसरे जोन के अभ्यर्थी जो नकल करने के इरादे से आवेदन करते थे, वे आयोग की सख्ती के कारण बाहर हो गए। उन्होंने बताया कि सीजीएल 2014 के लिए साक्षात्कार में दिल्ली एवं हरियाणा क्षेत्र के गिनती के अभ्यर्थी ही सफल हुए हैं।
कोड भरने में गलती की तो मिलेगा जीरो अंक
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में गलत कोड भरने पर शून्य अंक मिलने के बाद आयोग ने गाइड लाइन जारी की है। आयोग की ओर से दिल्ली पुलिस में एसआई और एएसआई परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि परीक्षार्थी ओएमआर भरते समय नीले और काले बाल प्वाइंट पेन का उपयोग करें।
आयोग ने आगाह किया है कि जिन अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक, हस्ताक्षर, टेस्ट फार्म संख्या, टिकट संख्या, बांये हाथ के अंगूठे का निशान नहीं होगा, उनके ओएमआर का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
सूचना में कहा गया है कि ओएमआर मूल्यांकन के समय मशीन उत्तर पुस्तिका में कोडबद्ध सूचना ही पढ़ेगी। आवेदन पत्र में दिया गया कोई भी कोड या सूचना अधूरी अथवा भिन्न होने की स्थिति में ऐसे अभ्यर्थी को शून्य अंक दिया जाएगा। आयोग की ओर से 21 जून को होने वाली परीक्षा को देखते हुए नई सूचना जारी की गई है।
परीक्षा में गलती की स्थिति में कई बार अभ्यर्थी इस मामले को लेकर कोर्ट चले जाते हैं, ऐसा भी देखने में आया है कि पूरी तरह से प्रश्नपत्र हल करने के बाद भी परीक्षार्थी असफल हो जाते हैं। इस प्रकार की गलती रोकने के लिए नई व्यवस्था की गई है।