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SSC CGL Topper: दरभंगा के माधव मिश्रा ने एसएससी सीजीएल में किया टॉप, बताया दूसरी रैंक का राज

Thu, 18 May 2023 12:53 PM IST
देवेश शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, पटना

सार

Success Story of SSC CGL Topper Madhav Mishra AIR 2: कर्मचारी चयन आयोग की ओर से हाल ही में एसएससी सीजीएल (SSC CGL 2022) का अंतिम परिणाम जारी किया गया। इसमें बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड मे डराहार गांव निवासी माधव मिश्रा ने दूसरा स्थान पाया है।  
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SSC CGL 2022 Topper Madhav Mishra AIR 2 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Success Story of SSC CGL Topper Madhav Mishra AIR 2: कर्मचारी चयन आयोग की ओर से हाल ही में एसएससी सीजीएल (SSC CGL 2022) का अंतिम परिणाम जारी किया गया। इसमें बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड मे डराहार गांव निवासी माधव मिश्रा ने दूसरा स्थान पाया है।  

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एसएससी सीजीएल परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया दूसरी रैंक प्राप्त कर अपनी कामयाबी का परचम लहराते हुए माधव ने अपने माता-पिता के साथ ही मिथिला का नाम रौशन किया है। माधव को केंद्रीय सचिवालय सेवा दिल्ली में सहायक अनुभाग अधिकारी बनाया गया है। उनकी इस कामयाबी की खबर से पूरे गांव में उत्साह का माहौल है।  

देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया

दरअसल, माधव मिश्रा के पिता दिलीप कुमार भारतीय जीवन बीमा निगम में कार्यरत है और अपने पुत्र की कामयाबी से बेहद खुश है। दिलीप कुमार ने बताया कि उनके पुत्र माधव मिश्रा ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा (CGL) 2022 में देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 30,000 रिक्त पदों की भर्ती के लिए एसएससी सीजीएल परीक्षा आयोजित की गई थी।

 

पांच साल के प्रश्न पत्र सॉल्व कर की तैयारी

वहीं, माधव मिश्रा ने अपने पढ़ाई के बारे में बात करते हुए बताया कि कोई भी परीक्षा को पास करने के लिए लगातार मेहनत की आवश्यकता होती है। मैं पिछले 5 साल के प्रश्न पत्रों को हल करने पर विशेष ध्यान देता रहा। उन्होंने कहा कि इससे कोई भी परीक्षा आसान बनाया जा सकता है। प्रतिदिन पढ़ाई करते रहे तो सब कुछ आसान हो जाता है। 

 

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परिवार को दिया कामयाबी का श्रेय

उन्होंने इस कामयाबी श्रेय अपने पिता दिलीप कुमार, माता कविता मिश्रा व दादा वाचस्पति मिश्रा को दिया। वहीं उन्होंने कहा कि अगर हमारे परिजनों का साथ है नहीं मिला होता तो आज शायद हमें यह कामयाबी हासिल नहीं होती।
 
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