जेल की भर्तियां भी अब पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड के जरिए होंगी। इसके लिए जेल मैनुअल में संशोधन किया जा रहा है। जेल मुख्यालय की ओर से मैनुअल में संशोधन की सिफारिश शासन को भेज दी गई है। शासन से हरी झंडी मिलते ही प्रदेश में दस हजार बंदी रक्षकों की भर्ती का काम पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से शुरू कर दिया जाएगा।
डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह के साथ बुधवार को मुरादाबाद पहुंचे एडीजी जेल डीएस चौहान ने जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की बैरकों, अस्पताल, किचन और महिला बैरक की हालत देखी। उन्होंनेबंदियों से बात की और खास तौर पर सद्दीक से पूछताछ की।
जेल निरीक्षण के बाद एडीजी जेल ने बंदी रक्षकों के टोटे की बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि पूरे प्रदेश में करीब दस हजार बंदी रक्षकों की कमी है। जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। नई भर्तियां जेल भर्ती बोर्ड के बजाए पुलिस भर्ती बोर्ड करेगा। इसके लिए जेल मैनुअल में संशोधन किया जा रहा है।
भर्ती दौड़ में एक और युवक गिरकर अचेत
सोनभद्र के अनपरा में सीआईएसएफ मैदान पर पैरामिलेट्री फोर्स के लिए चल रही भर्ती दौड़ में फिर एक अभ्यर्थी अचानक गिरकर अचेत हो गया। एकबारगी उसे देख अभ्यर्थियों में हड़कंप मच गया। उन्हें छह दिन पूर्व दौड़ के दौरान गिरकर जान गंवाने वाले युवक की याद आ गई, लेकिन अधिकारियों ने तुरंत उसे एंबुलेंस से परियोजना अस्पताल भेजा, जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
पैरामिलेट्री फोर्स में 62 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें देश के कई स्थानों के साथ ही ऊर्जांचल के अनपरा, शक्तिनगर, ओबरा और विंध्यनगर के युवक भी हिस्सा ले रहे हैं। 25 मई से अभ्यर्थियों की तिथिवार दौड़ कराके उनकी शारीरिक दक्षता जांची जा रही है। जो अभ्यर्थी 24 मिनट में पांच किमी दौड़ पूरी कर ले रहे हैं, उन्हें लिखित परीक्षा के लिए क्वालीफाई कर दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में बुधवार को अनपरा स्थित सीआईएसएफ मैदान पर दौड़ के लिए अभ्यर्थी जमा थे। सुबह साढ़े छह बजे दौड़ शुरू कराई गई। देवरिया के कटियारी निवासी मनीष तिवारी (21) ने ढाई किमी की पहले चक्र की दौड़ पूरी कर ली। इसके बाद टोकेन लेकर उसने दूसरे चक्र के ढाई किमी के लिए दौड़ लगा दी, मगर जब महज 15 मीटर की दूरी शेष रह गई, तभी वह अचानक गश खाकर गिर पड़ा। इसके बाद अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में उसे एंबुलेंस पर लादकर परियोजना अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद मनीष को होश आ गया। हालात सामान्य होने पर दोपहर 12 बजे उसे छुट्टी दे दी गई।