यूपी पुलिस में 41610 पुलिस आरक्षियों की भर्ती प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। भर्ती में व्यापक पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
याचिका पर कोर्ट ने प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड, डीजीपी और डीआईजी स्थापना से एक माह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले में भर्ती बोर्ड के चेयरमैन वीके गुप्ता और कुछ सफल अभ्यर्थियों को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
सिपाहियों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के परिणाम को ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों दीपक राणा सहित दर्जनों ने याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। इस पर न्यायमूर्ति भारती सप्रू सुनवाई कर रही हैं। याचीगण का पक्ष रख रहे अधिवक्ता विजय गौतम ने बताया कि 41610 पदों के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा का परिणाम 14 दिसंबर 2014 को जारी किया गया।
मुख्य लिखित परीक्षा में 55,123 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। 6254 अभ्यर्थियों को व्हाइटनर का प्रयोग करने के कारण चयन से बाहर कर दिया गया। 2312 पद रिक्त रह गए, जिनको अगली भर्ती में समायोजित करने का निर्णय लिया गया था।