हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था।
एक अधिकारी ने बताया कि पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने शनिवार को आरोपी दीपक गयाराम गायधाने, सुमित कैलास जाधव और योगेश सुरेंद्र वाघमारे को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि एमपीएससी की सचिव सुवर्णा खरात ने शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे कुछ छात्रों को एक अज्ञात नंबर से फोन आया और फोन करने वाले ने उन्हें 40 लाख रुपये में परीक्षा का प्रश्नपत्र देने की पेशकश की।
पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) निखिल पिंगले ने कहा, "इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दो आरोपियों को चाकन इलाके से पकड़ा गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति को नागपुर से गिरफ्तार किया गया।"
उन्होंने कहा कि अब तक की जांच के अनुसार परीक्षा का पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है तथा मामले की आगे जांच की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उन 24 छात्रों की सूची भी बरामद की है, जिन्हें आरोपियों ने फोन किया था या फोन करने की योजना बना रहे थे।
पुलिस ने बताया कि तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम की धारा 62, 318 (4), 353 1 (बी) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।