पायलट बनने के लिए चाहिए ये योग्यताएं
शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification): उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (Physics और Mathematics के साथ) पास की हो। अगर आपने 12वीं नॉन-मेडिकल स्ट्रीम से की है, तो आप योग्य हैं।
आयु सीमा (Age Limit): पायलट ट्रेनिंग शुरू करने के लिए न्यूनतम आयु 17 से 18 वर्ष होनी चाहिए। कुछ संस्थान 17 वर्ष में एडमिशन देते हैं लेकिन लाइसेंस के लिए 18 वर्ष जरूरी है।
मेडिकल फिटनेस (Medical Fitness): DGCA (Directorate General of Civil Aviation) द्वारा मान्यता प्राप्त डॉक्टर से Class 1 Medical Certificate लेना अनिवार्य है। इसके तहत आंखों की रोशनी, दिल की धड़कन, सुनने की क्षमता आदि की जांच होती है।
अंग्रेजी भाषा का ज्ञान (English Proficiency): उम्मीदवार को अंग्रेजी पढ़ने, लिखने और बोलने में सक्षम होना चाहिए। इंटरनेशनल स्तर पर उड़ान भरने के लिए अंग्रेजी जरूरी होती है।
कोर्स फीस कितनी होती है?
भारत में पायलट ट्रेनिंग कोर्स की औसतन फीस 25 लाख से 50 लाख रुपये तक या इससे अधिक हो सकती है। यह खर्च फ्लाइंग स्कूल, ट्रेनिंग की लोकेशन और तय किए गए फ्लाइंग ऑवर्स पर निर्भर करता है। अलग-अलग संस्थानों में यह लागत थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है, जबकि इंटरनेशनल कोर्स में खर्च और अधिक हो सकता है।
जानिए पायलट बनने के दो प्रमुख तरीके
पायलट बनने के दो प्रमुख रास्ते हैं। कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए प्रशिक्षण और भारतीय वायुसेना (IAF) के माध्यम से। अगर आप सिविल एविएशन में करियर बनाना चाहते हैं, तो DGCA से मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल से ट्रेनिंग लेकर CPL प्राप्त करना होता है, जिसमें ग्राउंड क्लास, 200 फ्लाइंग ऑवर्स और कुछ जरूरी परीक्षाएं शामिल होती हैं।
ट्रेनिंग कितने समय की होती है?
पायलट ट्रेनिंग आमतौर पर 18 से 24 महीनों में पूरी हो जाती है। इसमें ग्राउंड क्लासेस, सिम्युलेटर ट्रेनिंग और असली फ्लाइंग अभ्यास शामिल होता है।