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WB Police Recruitment: पश्चिम बंगाल पुलिस भर्ती परीक्षा में अनियमितता के आरोप, सुवेंदु अधिकारी ने उठाए सवाल

Mon, 01 Dec 2025 03:14 PM IST
आकाश कुमार जॉब्स डेस्क, अमर उजाला

सार

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने 30 नवंबर को हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी बिना सीरियल नंबर उम्मीदवारों को दी गई, जिससे नंबर बदले जाने की आशंका है।
 
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शुभेंदु अधिकारी, भाजपा नेता - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि 30 नवंबर को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुईं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को जो ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी दी गई, उस पर कोई सीरियल नंबर नहीं था।

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अधिकारी ने आरोप लगाया, "ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी उम्मीदवारों के पास होनी चाहिए, न कि परीक्षा आयोजित करने वाले अधिकारियों के पास। इससे साफ है कि ओएमआर शीट जिसमें सीरियल नंबर नहीं है, बदली जा सकती है।"

30 नवंबर को हुई थी परीक्षा

उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा परिणामों में हेरफेर की आशंका बढ़ जाती है और इससे वास्तविक अभ्यर्थी पुलिस में नौकरी पाने से वंचित हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस भर्ती बोर्ड ने रविवार (30 नवंबर) को कांस्टेबल पद के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी।

सुवेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि ओएमआर शीट में दर्ज अंकों को बदला जा सकता है ताकि उन उम्मीदवारों को फायदा मिले जिन्होंने सरकारी नौकरी पाने के लिए "गलत तरीकों" का सहारा लिया है।

उन्होंने कहा, "इस स्थिति से बाहर निकलने का एक ही तरीका है कि ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटाया जाए। जब तक ऐसा नहीं होता, शिक्षित और बेरोजगार युवाओं को पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरी मिलने की कोई संभावना नहीं है।"

अधिकारि ने कहा कि यदि अभ्यर्थी इस मुद्दे पर जनहित याचिका (PIL) दाखिल करना चाहते हैं, तो भाजपा उनकी ओर से कानूनी सहयोग उपलब्ध कराएगी।
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अलग मुद्दे पर भी लगाए आरोप

एक अन्य मामले में अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को जानबूझकर विलंबित किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस देरी के कारण योग्य और प्रतिभाशाली छात्र अन्य राज्यों में पलायन कर गए।
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