30 नवंबर को हुई थी परीक्षा
उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा परिणामों में हेरफेर की आशंका बढ़ जाती है और इससे वास्तविक अभ्यर्थी पुलिस में नौकरी पाने से वंचित हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस भर्ती बोर्ड ने रविवार (30 नवंबर) को कांस्टेबल पद के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी।
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि ओएमआर शीट में दर्ज अंकों को बदला जा सकता है ताकि उन उम्मीदवारों को फायदा मिले जिन्होंने सरकारी नौकरी पाने के लिए "गलत तरीकों" का सहारा लिया है।
उन्होंने कहा, "इस स्थिति से बाहर निकलने का एक ही तरीका है कि ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटाया जाए। जब तक ऐसा नहीं होता, शिक्षित और बेरोजगार युवाओं को पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरी मिलने की कोई संभावना नहीं है।"
अधिकारि ने कहा कि यदि अभ्यर्थी इस मुद्दे पर जनहित याचिका (PIL) दाखिल करना चाहते हैं, तो भाजपा उनकी ओर से कानूनी सहयोग उपलब्ध कराएगी।
अलग मुद्दे पर भी लगाए आरोप
एक अन्य मामले में अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को जानबूझकर विलंबित किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस देरी के कारण योग्य और प्रतिभाशाली छात्र अन्य राज्यों में पलायन कर गए।