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MPSC: अब कंप्यूटर आधारित होंगी एमपीएससी की सभी प्रारंभिक परीक्षाएं, 21 दिनों में रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य

Sat, 27 Jun 2026 10:18 AM IST
Akash Kumar जॉब्स डेस्क, अमर उजाला

सार

MPSC Exams 2026: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब आयोग की सभी आगामी प्रारंभिक परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में होंगी। आयोग का लक्ष्य 21 दिनों के भीतर प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी करना और भर्ती प्रक्रिया उसी वर्ष पूरी करना है।
 
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MPSC Exams 2026 - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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MPSC Exams 2026: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब आयोग की सभी आगामी प्रारंभिक परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएंगी।

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शुक्रवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने बताया कि इस बदलाव का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करना और उम्मीदवारों को समय पर परिणाम उपलब्ध कराना है।

21 दिनों में रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य

आयोग ने लक्ष्य तय किया है कि भविष्य में आयोजित होने वाली सभी प्रारंभिक परीक्षाओं का परिणाम परीक्षा के 21 दिनों के भीतर घोषित किया जाएगा।

विवेक भीमनवार ने बताया कि हाल ही में आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 22 दिनों में जारी किया गया था। अब आयोग इस अवधि को घटाकर 21 दिन करने की दिशा में काम करेगा।

उसी वर्ष पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया

एमपीएससी का लक्ष्य केवल जल्दी परिणाम जारी करना ही नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को भी उसी कैलेंडर वर्ष में पूरा करना है, जिस वर्ष परीक्षा आयोजित की जाएगी।

आयोग के अनुसार-
  • जिन पदों पर इंटरव्यू होगा, उनकी भर्ती प्रक्रिया 9 से 11 महीने में पूरी करने का लक्ष्य है।
  • जिन पदों पर केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन होगा, उनकी भर्ती 6 से 7 महीने में पूरी करने की योजना है।
 

केवल प्रारंभिक परीक्षा में होगा बदलाव

आयोग ने स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) केवल प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए लागू होगी। राज्य सेवा और ग्रुप A, ग्रुप B तथा ग्रुप C की मुख्य परीक्षाओं के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये परीक्षाएं पहले की तरह पारंपरिक (ऑफलाइन) तरीके से ही आयोजित होंगी।

सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन कोई नई व्यवस्था नहीं

एमपीएससी अध्यक्ष ने कहा कि आयोग के लिए सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था नई नहीं है। आयोग अब तक करीब 140 परीक्षाएं इस प्रणाली के तहत आयोजित कर चुका है।

उन्होंने बताया कि सीबीटी एक वैज्ञानिक और न्यायालयों द्वारा स्वीकार की गई परीक्षा प्रणाली है, जिसका देशभर में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।

कई बड़ी भर्ती एजेंसियां पहले से अपना रही हैं सीबीटी

विवेक भीमनवार ने बताया कि देश की कई प्रमुख भर्ती एजेंसियां पहले से कंप्यूटर आधारित परीक्षा और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली का इस्तेमाल कर रही हैं। इनमें शामिल हैं-
  • कर्मचारी चयन आयोग (SSC)
  • रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB)
  • राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA)
  • महाराष्ट्र राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) सेल
 
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उम्मीदवारों को क्या होगा फायदा?

आयोग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, तेज और समयबद्ध होगी। इससे परीक्षा परिणाम जल्दी घोषित होंगे, भर्ती में होने वाली देरी कम होगी और उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अधिक स्पष्टता और निश्चितता मिलेगी।
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