पाठ्यक्रम की जानकारी
कृषि क्षेत्र से जुड़े अधिकांश लोग अशिक्षित या अकुशल होते हैं। इसमें कॅरिअर बनाने के इच्छुकों के लिए सरकार विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है।
इनमें बीटेक (एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग), बीएससी (एग्रीकल्चर), बीएससी (फिशरीज), बीएससी (हॉर्टीकल्चर), एबीएम (कृषि प्रबंधन) सहित कई डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं।
सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक के उपयोग और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रशिक्षण भी प्रदान करती है।
स्टार्टअप शुरू करने के अवसर
कृषि क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार, स्वयं का स्टार्टअप या उद्यमिता शुरू करने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। सरकार कृषि उद्यमिता के माध्यम से रोजगार बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है।
सरकारी क्षेत्र में शिक्षा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय खाद्य निगम, कृषि विभाग, गन्ना एवं बागवानी अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, बैंकिंग और नाबार्ड आदि में रोजगार के कई अवसर मिलते हैं। वहीं उर्वरक, पेस्टिसाइड, बीज संवर्धन जैसे क्षेत्रों में कार्य करने वाली निजी कंपनियां, जैसे सीड, इफ्को, महिको, सैंजेंटा आदि कई कॅरिअर विकल्प प्रदान करती हैं।
आपको ड्रोन ऑपरेशन, स्मार्ट फार्मिंग, एग्री-टेक प्रबंधन और कृषि डाटा विश्लेषण जैसे कामों में उत्कृष्ट कॅरिअर बनाने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा, आप यूपीएससी द्वारा आयोजित आईएफएस परीक्षा की तैयारी भी कर सकते हैं।