सरकारी नौकरी कर रहे पति-पत्नी यदि एक ही जिले में तैनात हैं और एक ही आवास में रह रहे हैं तो दोनों को आवास भत्ता किस नीति के तहत दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। सरकार ने उसकी वेतन और भत्ते की नीति भी पूछी है।
भीम सिंह सागर की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार के वित्त विभाग से पूछा है कि जब पहले से यह नियम था कि सरकारी नौकरी करने वाले पति-पत्नी दोनों यदि एक ही आवास में रह रहे हैं तो दोनों में से किसी एक को ही आवास भत्ता मिलेगा तो फिर किस वजह से इस नियम को बदल कर दोनों को भत्ता पाने का हकदार बना दिया।