4.5 घंटे का होगा कोर्स
यह कोर्स 4.5 घंटे का सेल्फ-पेस्ड प्रोग्राम है, जिसे सीखने वाला अपनी सुविधा के अनुसार पूरा कर सकता है। इसमें भारतीय जीवन से जुड़े वास्तविक उदाहरण शामिल किए गए हैं, ताकि सीखना आसान और समझने में सरल हो।
मंत्रालय ने बताया कि इसका लक्ष्य 1 करोड़ नागरिकों को आधारभूत एआई कौशल से सशक्त करना है। इससे न सिर्फ डिजिटल अंतर कम होगा, बल्कि एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह पहल आने वाले समय के लिए भारतीय कार्यबल को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
कोर्स को भारत में उपलब्ध कराए जाने के लिए शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संगठनों को भी सहयोगात्मक रूप से इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?
इस कार्यक्रम को कुल छह मॉड्यूल्स में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रतिभागियों को बताया जाएगा कि:
- एआई क्या है और कैसे काम करता है
- शिक्षा, रचनात्मकता और कार्यस्थल में एआई किस तरह बदलाव ला रहा है
- एआई टूल्स का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग कैसे करें
- भारत में एआई के वास्तविक उपयोग के उदाहरण
- भविष्य में एआई से जुड़ी संभावनाएं और नए अवसर
ऐसे करें आवेदन
- “Yuva AI for ALL” कोर्स में नामांकन के लिए संबंधित लिंक पर जाकर "Enroll" बटन पर क्लिक करें।
- Gmail या LinkedIn ID से लॉगिन करें।
- व्यक्तिगत विवरण, शिक्षा और व्यवसाय संबंधी जानकारी भरें।
- पंजीकरण होने के बाद प्रतिभागी सीधे 4.5 घंटे का यह सेल्फ-पेस्ड कोर्स शुरू कर सकते हैं
मंत्रालय ने कहा कि आज के डिजिटल युग में एआई को समझना और उसका सही उपयोग सीखना बेहद जरूरी हो गया है। इस कोर्स के माध्यम से छात्रों और कामकाजी पेशेवरों को एआई के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने में मदद मिलेगी।