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UPSC Paper Leak Allegation: क्या लीक हुआ था यूपीएससी का पेपर? NSUI के दावे पर कोचिंग संस्थान ने दी सफाई

Tue, 16 Jun 2026 04:08 PM IST
Akash Kumar जॉब्स डेस्क, अमर उजाला

सार

UPSC Paper Leak Allegation:एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोमवार को एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करके यूपीएससी प्रीलिम्स का पेपर लीक होने का दावा किया था। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप मंच गया। सरकारी एजेंसी पीआईबी ने इस मामले के तथ्यों की जांच की है। आइए जानते हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आए...
 
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UPSC Paper Leak Allegation - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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UPSC Paper Leak Allegation: हाल ही में सोशल मीडिया पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र लीक होने को लेकर कई दावे किए जा रहे थे। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोमवार, 15 जून को एक वीडियो जारी कर दावा किया कि 24 मई 2026 को आयोजित हुई यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा का पेपर लीक हुआ था।

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इस गंभीर आरोप के बाद लाखों उम्मीदवारों के बीच हड़कंप मच गया। लेकिन अब इस पूरे मामले पर सरकार की आधिकारिक एजेंसी 'प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो' (PIB) और संबंधित कोचिंग संस्थान 'अनंतम आईएएस' (Anantam IAS) की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण आ चुका है, जिसने इन दावों की पूरी सच्चाई सामने रख दी है।

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पहले जानिए NSUI अध्यक्ष ने क्या आरोप लगाए?

कांग्रेस समर्थित छात्र संघ एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोमवार को एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करके यूपीएससी प्री के पेपर लीक होने का दावा किया था। जाखड़ ने कहा कि मई 2026 में जो यूपीएससी का पेपर हुआ है, उसका कंटेंट लीक हुआ है। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास इसके सबूत भी हैं।

जाखड़ ने बताया कि अनंतम कोचिंग ने पिछले साल महीने के भीतर जो कंटेंट अपलोड किया है, उनमें से 82 प्रश्न परीक्षा में हूबहू आए। वहीं, कुछ प्रश्नों को बदलकर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 24 मई की परीक्षा के बाद कोचिंग ने अपना कंटेंट 26 मई 2026 को अपडेट कर दिया।

उन्होंने पूछा कि आखिर अनंतम आईएएस को अपना कंटेंट अपडेट करने की क्या आवश्यता पड़ी? उन्होने यूपीएससी पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या यूपीएससी के लोगों का साठ-गांठ पेपर लीक माफियाओं के साथ है? उन्होंने चिंता व्यक्त की कि अगर कंटेंट लीक हुआ है तो पेपर लीक होना भी संभव है।
 

पीआईबी ने यूपीएससी पेपर लीक के दावों को बताया फर्जी

PIB Fact Check के अनुसार, यूपीएससी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सुरक्षित और गोपनीय होती है। ये पेपर देशभर से चुने गए अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाते हैं। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई स्तरों (Multi-layer) पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, इसलिए पेपर लीक होने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

कोचिंग संस्थान 'अनंतम आईएएस' ने दी तकनीकी सफाई

इस विवाद के केंद्र में रहे कोचिंग संस्थान अनंतम आईएएस ने अपनी वेबसाइट पर एक विस्तृत बयान जारी कर स्क्रीनशॉट और तारीखों के पीछे की पूरी तकनीकी सच्चाई बताई:

वेबसाइट मैनेजमेंट (बैकडेटिंग): संस्थान ने बताया कि 24 मई को परीक्षा खत्म होने के बाद उनके शिक्षकों ने प्रश्नों के विस्तृत जवाब और व्याख्या तैयार किए। वेबसाइट पर एक साथ दर्जनों आर्टिकल डालने पर छात्रों को नोटिफिकेशन का स्पैम जाता और वे क्रम से नहीं दिखते। इसलिए, वेबसाइट के लेआउट को व्यवस्थित करने के लिए उन्होंने आर्टिकल्स की 'पब्लिश डेट' (प्रकाशन तिथि) को मैन्युअली पीछे (बैकडेट) कर दिया था। यह वेबसाइट को व्यवस्थित करने का एक सामान्य तकनीकी तरीका है।

'पब्लिश' और 'अपडेट' की तारीख पर स्पष्टीकरण: संस्थान ने स्पष्ट किया कि वर्डप्रेस (WordPress) वेबसाइट पर दो तरह की तारीखें होती हैं। एक 'पब्लिश डेट' (जिसे बदला जा सकता है) और दूसरी 'अपडेट डेट' (जो सिस्टम खुद तय करता है कि काम कब हुआ)। संस्थान ने बताया कि स्क्रीनशॉट में सिर्फ पब्लिश डेट दिख रही थी, जबकि उनके सिस्टम के बैकएंड डाटा में साफ दर्ज है कि ये सभी जवाब 24 मई के बाद ही लिखे गए। उन्होंने अब अपनी वेबसाइट पर 'लास्ट अपडेटेड' तारीख दिखाना भी अनिवार्य कर दिया है।

82 प्रश्नों के दावे पर जवाब: कोचिंग ने कहा कि परीक्षा में उनके पढ़ाए गए सिलेबस से प्रश्न आना उनकी कड़ी मेहनत और पिछले सात महीनों के गहन विश्लेषण का नतीजा है, न कि पेपर लीक का।
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15 जून को जारी हुआ था प्रीलिम्स का रिजल्ट

भारतीय सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की गई थी। यूपीएससी ने 15 जून को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया। सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के लिए 13,343 और वन सेवा मुख्य परीक्षा के लिए 1,046 अभ्यर्थियों को योग्य घोषित किया गया है।
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