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Competitive Exams: दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बदले नियम, अब ‘ओन स्क्राइब’ सिस्टम होगा खत्म; जानें नई गाइडलाइन

Wed, 03 Sep 2025 02:32 PM IST
शिवम गर्ग जॉब्स डेस्क, अमर उजाला

सार

Own Scribe Ban: केंद्र सरकार ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में स्क्राइब (लिखने वाले सहायक) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई गाइडलाइन के तहत अब "ओन स्क्राइब" सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा। 
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Exam - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Competitive Exams PwD Rules: प्रतियोगी परीक्षाओं में दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों के लिए स्क्राइब इस्तेमाल करने के नियम अब और सख्त हो गए हैं। केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अगले दो वर्षों के भीतर सभी परीक्षा संस्थानों को अपना स्क्राइब पूल तैयार करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले इस्तेमाल किए जा रहे ‘ओन स्क्राइब सिस्टम’ को धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

क्यों किए गए बदलाव?

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का मकसद परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। कई बार निजी स्क्राइब (Own Scribe) और उम्मीदवार के बीच मिलीभगत की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए। UPSC, SSC और NTA जैसी संस्थाओं ने भी इस पर चिंता जताई थी।
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क्या होंगे नए प्रावधान?

  • परीक्षा संस्थानों को दो साल में ट्रेंड और सुपरवाइज्ड स्क्राइब पूल तैयार करना होगा।
  • तब तक केवल विशेष परिस्थितियों में ही ‘ओन स्क्राइब’ की अनुमति होगी।
  • स्क्राइब की योग्यता परीक्षा की न्यूनतम पात्रता से 2-3 वर्ष कम होनी चाहिए।
  • स्क्राइब उसी परीक्षा का उम्मीदवार नहीं हो सकता और न ही किसी प्रकार का हितों का टकराव होना चाहिए।
  • लिखने में सक्षम न होने वाले दिव्यांग उम्मीदवारों को हर घंटे के लिए कम से कम 20 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा।

दिव्यांग छात्रों के लिए सुविधाएं

नई गाइडलाइन में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र पूरी तरह सुगम्य (Accessible) होने चाहिए। जैसे रैंप, लिफ्ट, चौड़े कॉरिडोर, ग्राउंड फ्लोर पर सीटिंग, ऑडियो अनाउंसमेंट की सुविधा आदि। इसके अलावा न्यूरोडाइवर्स छात्रों और गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों वाले अभ्यर्थियों के लिए शांत कमरे भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उम्मीदवारों को स्वतंत्र रूप से परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सहायक तकनीक जैसे ब्रेल, स्क्रीन रीडर (JAWS, NVDA), स्पीच-टू-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर और रिकॉर्डिंग डिवाइस की मदद लेने की अनुमति होगी। उम्मीदवारों के व्यक्तिगत और मेडिकल डेटा को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं, अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
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