क्या होंगे नए प्रावधान?
- परीक्षा संस्थानों को दो साल में ट्रेंड और सुपरवाइज्ड स्क्राइब पूल तैयार करना होगा।
- तब तक केवल विशेष परिस्थितियों में ही ‘ओन स्क्राइब’ की अनुमति होगी।
- स्क्राइब की योग्यता परीक्षा की न्यूनतम पात्रता से 2-3 वर्ष कम होनी चाहिए।
- स्क्राइब उसी परीक्षा का उम्मीदवार नहीं हो सकता और न ही किसी प्रकार का हितों का टकराव होना चाहिए।
- लिखने में सक्षम न होने वाले दिव्यांग उम्मीदवारों को हर घंटे के लिए कम से कम 20 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा।
दिव्यांग छात्रों के लिए सुविधाएं
नई गाइडलाइन में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र पूरी तरह सुगम्य (Accessible) होने चाहिए। जैसे रैंप, लिफ्ट, चौड़े कॉरिडोर, ग्राउंड फ्लोर पर सीटिंग, ऑडियो अनाउंसमेंट की सुविधा आदि। इसके अलावा न्यूरोडाइवर्स छात्रों और गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों वाले अभ्यर्थियों के लिए शांत कमरे भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उम्मीदवारों को स्वतंत्र रूप से परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सहायक तकनीक जैसे ब्रेल, स्क्रीन रीडर (JAWS, NVDA), स्पीच-टू-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर और रिकॉर्डिंग डिवाइस की मदद लेने की अनुमति होगी। उम्मीदवारों के व्यक्तिगत और मेडिकल डेटा को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं, अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।