केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस सुधार से देश के हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र होगा, जो दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले उम्मीदवारों तक पहुंच बढ़ाएगा। उन्होंने इस सुधार को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि सीईटी को ऑनलाइन करने का उद्देश्य हर अभ्यर्थी को समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने काह कि कर्मचारी चयन आयोग, स्टेट सलेक्शन बोर्ड्स और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल जैसी मौजूदा केंद्रीय भर्ती एजेंसियां अपनी जरूरतों के मुताबिक भर्तियां करना जारी रखेंगी। सीईटी सिर्फ नौकरियों के लिए उम्मीदवारों की प्रारंभिक जांच के लिए होगा। जिसका स्कोर रिजल्ट जारी होने के तीन साल तक मान्य होगा।