आपत्ति दर्ज करने के लिए क्या करना होगा?
उम्मीदवार अपनी दर्ज की गई प्रतिक्रियाओं को अस्थायी उत्तर कुंजी से मिलाकर देख सकते हैं। यदि किसी प्रश्न का उत्तर गलत लगता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उस पर चुनौती दर्ज की जा सकती है।
इसके लिए उम्मीदवारों को:
- अपने व्यक्तिगत लॉगिन विवरण से पोर्टल पर प्रवेश करना होगा।
- अपनी प्रतिक्रिया पत्रक देखनी होगी।
- अस्थायी उत्तर कुंजी में दिए उत्तरों की जांच करनी होगी।
- गलत लगने वाले प्रश्नों पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करनी होगी।
- आपत्ति की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी।
आपत्ति विंडो बंद होने के बाद विषय विशेषज्ञ उम्मीदवारों की चुनौतियों की जांच करेंगे। सही पाई गई आपत्तियों को अंतिम उत्तर कुंजी तैयार करते समय ध्यान में रखा जाएगा। इसके आधार पर उम्मीदवारों के अंतिम अंकों की गणना की जाएगी।
कोल इंडिया प्रबंधन प्रशिक्षु का परिणाम कब आएगा?
आपत्तियों की समीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में होने की उम्मीद है। इसके बाद प्रबंधन प्रशिक्षु लिखित परीक्षा का परिणाम, अंतिम स्कोरकार्ड और पीडीएफ मेरिट सूची सितंबर के दूसरे सप्ताह में जारी होने की संभावना है।
मेरिट सूची में उन उम्मीदवारों के अनुक्रमांक शामिल किए जाएंगे, जिन्हें भर्ती के अगले चरण के लिए चुना जाएगा। परिणाम के बाद चयनित उम्मीदवारों को निम्न के लिए बुलाया जाएगा:
- दस्तावेज सत्यापन
- प्रारंभिक चिकित्सा जांच (आईएमई)
दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा जांच सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में होने की उम्मीद है। चयनित उम्मीदवारों को कोल इंडिया की ओर से निर्धारित स्थानों पर अपने मूल प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।
660 पदों के लिए कितने उम्मीदवारों ने परीक्षा दी?
कोल इंडिया की इस भर्ती के तहत प्रबंधन प्रशिक्षु के 660 पद भरे जाने हैं। इन पदों के लिए कुल 1,29,870 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। प्रमुख विषयों में उम्मीदवारों की संख्या इस प्रकार रही:
| विषय |
उम्मीदवारों की संख्या |
| सिविल |
48,414 |
| सिस्टम्स |
42,678 |
| मैकेनिकल |
38,778 |
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भर्ती में प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है।
परीक्षा कितने अंकों की थी?
प्रबंधन प्रशिक्षु कंप्यूटर आधारित परीक्षा में दो प्रश्नपत्र थे। प्रत्येक प्रश्नपत्र 100 अंकों का था। इस तरह पूरी परीक्षा 200 अंकों की थी। उम्मीदवारों को परीक्षा पूरी करने के लिए 3 घंटे यानी 180 मिनट का समय दिया गया था।
मेरिट सूची तैयार करते समय कोल इंडिया कई परीक्षा पाली में अंकों में होने वाले अंतर को ध्यान में रखते हुए सांख्यिकीय सामान्यीकरण लागू करेगी। यानी उम्मीदवारों के कच्चे अंकों को अलग-अलग परीक्षा पालियों के स्तर में संभावित अंतर के अनुसार सामान्यीकृत किया जाएगा।