संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम शनिवार शाम को घोषित करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पहली बार आयोग साक्षात्कार के चार दिन के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित करेगा।
आयोग ने पिछले वर्ष 24 अगस्त को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी। देशभर के 59 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में करीब 4.51 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। इनमें से 16, 933 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया था।
इस साल 13 मार्च को घोषित मुख्य परीक्षा के परिणाम में 3,308 छात्रों को साक्षात्कार या पर्सनेलेटी टेस्ट के लिए चुना गया था। ये साक्षात्कार 27 अप्रैल से 30 जून तक चले थे। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए कुल 1,364 पदों को भरा जाएगा।
बदलावों से सिविल सर्विसेज में बढ़ी उम्मीद
भर्ती परीक्षाओं के प्रारूप में बदलाव से सिविल सर्विसेज में हिंदी पट्टी के प्रतियोगियों के लिए एक बार फिर सफलता की उम्मीद जगी है। प्रतियोगियों के दबाव में संघ लोक सेवा आयोग ने सीसैट को पहले ही क्वालीफाइंग पेपर कर दिया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने भी पीसीएस मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र प्रारूप में सिविल सर्विसेज की तर्ज पर बदलाव कर दिया है। इस नए फार्मेट से यहां के प्रतियोगियों को सिविल सर्विसेज में लाभ मिलने की बात कही जा रही है।
सिविल सर्विसेज-2011 में प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट लागू होने, फिर मुख्य परीक्षा के पैटर्न में व्यापक बदलाव के बाद हिंदी पट्टी के प्रतियोगियों की सफलता का ग्राफ तेजी से घटा है।
2008 में अकेले इलाहाबाद से 70 से अधिक प्रतियोगी सिविल सर्विसेज में चयनित हुए थे, लेकिन पिछले साल यह आंकड़ा घटकर इकाई में पहुंच गया। इन बदलावों के विरोध में इलाहाबाद से लेकर दिल्ली तक हिंदी पट्टी के प्रतियोगियों ने प्रदर्शन किया।
इससे दबाव में आई सरकार ने सीसैट को क्वालीफाइंग पेपर कर दिया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से भी नोटिफिकेशन में इसकी घोषणा कर दी गई है कि सीसैट के पेपर में न्यूनतम 33 फीसदी अंक हासिल करने होंगे, लेकिन मेरिट में इसके अंक शामिल नहीं किए जाएंगे। मेरिट सामान्य अध्ययन के पेपर के आधार पर बनेगी।
सिविल सेवा की तैयारी में भी मिलेगा लाभ
इसके अलावा सिविल सर्विसेज मुख्य परीक्षा में प्रश्नपत्र में जवाब के लिए स्थान निश्चित होता है। उसी में शब्द सीमा के भीतर जवाब देना होता है। पीसीएस-2015 मुख्य परीक्षा में भी यही व्यवस्था लागू कर दी गई है।
पिछले वर्ष तक अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका अलग से मिलती थी। जरूरत पड़ने पर अभ्यर्थी बी कॉपी भी ले सकते थे, लेकिन अब सुविधा नहीं है। 29 जून से शुरू पीसीएस-2015 मुख्य परीक्षा के पेपर पेपर में प्रश्न के नीचे ही स्थान निश्चित कर दिया गया है।
अभ्यर्थियों को उसी निर्धारित स्थान और शब्द सीमा में जवाब देना है। विशेषज्ञ डॉ. अतुल मिश्रा का कहना है कि पीसीएस मुख्य परीक्षा में बदलाव से सिविल सेवा की तैयारी में भी लाभ मिलेगा। नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि अब दोनों भर्तियों की तैयारी के लिए अलग-अलग तरीका नहीं अपनाना होगा।