मुश्किल पढ़ाई होगी रोचक व व्यावहारिक
इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे आईआईटी गुवाहाटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ केयूर सोरठिया बताते हैं कि ज्ञानधारा मेटावर्स वर्चुअल रियलिटी तकनीक का इस्तेमाल कर श्रीडी वातावरण तैयार करेगा। इससे पढ़ाई अधिक रोचक और व्यावहारिक होगी। डॉ सोरठिया के मुताबिक, यह मंच 13 से 18 वर्ष की उम्र के छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है। इससे उनमे खुद की रचनात्मकता विकसित करने, तर्क शक्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का सफर रोमांचक और आनंददायक होना चाहिए। यह मेटावर्स छात्रों को एक गतिशील और आकर्षक शिक्षा वातावरण देगा ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर सकें और बेहतर समाज और दुनिया बनाने में योगदान दे सकें।
स्थानीय भाषाओं में समझेंगे जटिल विषय
सोरठिया ने कहा कि शुरू में 8वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे तीन विषयों को शामिल किया जाएगा। यह परियोजना इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें छात्र स्थानीय भाषाओं में वीआर के जरिए जटिल विषयों को समझ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि 8वीं से 12वीं कक्षा की कई किताबों में दिए गए विषयों को पारंपरिक पढ़ाई (ब्लैकबोर्ड या किताबों) से समझना कठिन होता है। इस मेटावर्स के जरिए इन विषयों को इंटरएक्टिव तरीके से पेश किया जाएगा ताकि छात्र आसानी से सीख सकें और पढ़ाई उनके लिए अधिक मजेदार बन सके।