आंध्र प्रदेश सरकार के इस फैसले की तारीफ भी हो रही है और विरोध भी। जो लोग इंटरव्यू व्यवस्था बरकरार रखना चाहते हैं, उनका कहना है कि इसे खत्म करने से अभ्यर्थियों की वास्तविक क्षमता को परखा नहीं जा सकेगा। वहीं, जो लोग सरकार के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं, उनका कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की प्रथा खत्म होगी।
IIT और IIM करेंगे मदद
हालांकि मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के अधिकारियों से कहा है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) से से परीक्षा के आयोजन में मदद लें। ताकि किसी तरह की गड़बड़ी रहने की गुंजाइश न हो। लिखित परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो।
ये भी पढ़ें : ये यूनिवर्सिटी हर छात्र को देगी नौकरी की गारंटी, सरकार ने दी मंजूरी
भरे जाएंगे खाली पद
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी क्षेत्रों में खाली पदों को भरने के लिए भी कहा है। आयोग इसके लिए सभी विभागों से आंकड़े लेकर खाली पदों की पहचान करेगा। इसके बाद जनवरी 2020 में भर्ती प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।