रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) में अप्रेंटिस के 195 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से चल रही है। अब फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 1 नवंबर 2026 है। यानी आज आवेदन का अंतिम दिन है। इस भर्ती में तीन तरह के पद हैं। इनमें स्नातक अप्रेंटिस के 50, डिप्लोमा अप्रेंटिस के 30 और आईटीआई अप्रेंटिस के 115 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों को एक साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस भर्ती में सबसे ज्यादा 115 पद आईटीआई पास उम्मीदवारों के लिए रखे गए हैं। वहीं, इंजीनियरिंग में स्नातक यानी बीई या बीटेक करने वालों के लिए 50 पद हैं। डिप्लोमा धारकों के लिए 30 सीटें तय की गई हैं। इस तरह कुल 195 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण का मौका मिलेगा। सभी पद हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत में हैं। प्रशिक्षण की अवधि एक साल होगी। चयनित उम्मीदवारों को सरकार के तय नियमों के अनुसार हर महीने मानदेय यानी स्टाइपेंड दिया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों के लिए संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए। डिप्लोमा अप्रेंटिस के लिए संबंधित विषय में इंजीनियरिंग डिप्लोमा जरूरी है। वहीं, आईटीआई अप्रेंटिस पदों के लिए संबंधित ट्रेड में आईटीआई पास होना चाहिए। उम्मीदवारों ने अपनी योग्यता नियमित विद्यार्थी के रूप में पूरी की होनी चाहिए। उपलब्ध भर्ती विवरण के अनुसार, संबंधित परीक्षा में कम से कम 70 प्रतिशत अंक या 7.5 सीजीपीए जरूरी है। उम्मीदवार की उम्र 1 सितंबर 2026 को कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
कहां और कैसे भरना होगा फॉर्म?
इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को अपनी योग्यता के अनुसार अलग-अलग पोर्टल पर जाना होगा। बीई, बीटेक और डिप्लोमा पास उम्मीदवारों को राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना (NATS 2.0) के पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। वहां रिसर्च सेंटर इमारत का नाम या पंजीकरण पहचान संख्या STLRAC000010 खोजकर आवेदन करना होगा। वहीं, आईटीआई पास उम्मीदवारों को अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर जाकर प्रतिष्ठान का नाम RESEARCH CENTRE IMARAT या पहचान संख्या E05203600040 दर्ज करनी होगी। इसके बाद अपनी ट्रेड चुनकर आवेदन पूरा करना होगा।
चयन कैसे होगा और कितना मिलेगा स्टाइपेंड?
उम्मीदवारों का चयन उनकी पढ़ाई में मिले अंकों और जरूरत पड़ने पर साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद दस्तावेजों की जांच होगी। चयनित उम्मीदवारों को एक साल का अप्रेंटिस प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें सरकार के नियमों के अनुसार स्टाइपेंड मिलेगा। यह नियमित सरकारी नौकरी नहीं, बल्कि प्रशिक्षण का अवसर है। अप्रेंटिसशिप पूरी होने के बाद डीआरडीओ में स्थायी नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है। इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवार भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन ध्यान से पढ़ लें और अपनी योग्यता के अनुसार ही फॉर्म भरें।