कैसे करें सही तैयारी
अगर कोई युवा इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहता है, तो उसे शुरुआत से ही सही शैक्षणिक दिशा चुननी चाहिए। 12वीं के बाद इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स या एनर्जी इंजीनियरिंग जैसे विषयों में बीटेक करने से इस क्षेत्र की मजबूत नींव तैयार होती है। इसके बाद पावर सिस्टम या रिन्यूएबल एनर्जी में एमटेक तथा एनर्जी मैनेजमेंट में एमबीए जैसी उच्च शिक्षा के माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है। साथ ही, ईवी टेक्नोलॉजी, सोलर डिजाइन और डाटा एनालिटिक्स जैसे शॉर्ट टर्म कोर्स युवाओं के कौशल को निखारते हैं।
किन स्किल्स पर दें ध्यान
तकनीकी डिग्री के साथ-साथ इस क्षेत्र में सफलता के लिए कुछ महत्वपूर्ण कौशल भी आवश्यक हैं। प्रोग्रामिंग और डाटा एनालिसिस की अच्छी समझ, जटिल समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता तथा नवाचार की सोच युवाओं को प्रतिस्पर्धी बनाती है। इसके अलावा, इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्राप्त प्रैक्टिकल अनुभव उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है।
प्रमुख संस्थान
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली,
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास
- टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, दिल्ली
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी, गुरुग्राम
स्टार्टअप के रूप में बड़े अवसर
इस क्षेत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां कॅरिअर केवल नौकरी तक सीमित नहीं है। युवा अपनी तकनीकी जानकारी और नवाचार के दम पर ईवी चार्जिंग, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन, सोलर समाधान और ग्रीन टेक जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। सरकार की अनुकूल नीतियां, निवेश और बाजार की बढ़ती जरूरतें इस क्षेत्र को स्टार्टअप्स के लिए आकर्षक बना रही हैं।