झारखंड पुलिस ने रांची-खूंटी बॉर्डर पर पीपल लिबरेशन फ्रंट के नक्सली लीडर जेठा कछाप को गिरफ्तार कर लिया है।
कछाप(30) को रविवार को एक पुलिस के छापे के दौरान गिरफ्तार किया गया। जेठा कछाप 2012 में कांग्रेस विधायक देव कुमार धान के भाई राजेंद्र कुमार धान की हत्या का प्रमुख आरोपी है।
जेठा पर खूंठी और रांची दोनों जिलों में हत्या के 50 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं। नक्सली नेता जेठा पर पुलिस ने 2 लाख रुपए का ईनाम भी घोषित किया हुआ था।
टीओआई में छपी खबर के अनुसार पुलिस के लिए यह एक बड़ी गिरफ्तारी है। पुलिस अब जेठा से कई अहम मामलों की पूछताछ कर रही है जिसके बाद कोई कार्यवाई की जाएगी।
जेठा, पीपल लिबरेशन फ्रंट के तहत रांची का जोनल कमांडर था। और इसी इलाके में काम करते हुए वह व्यापारियों और ठेकेदारों से लेवी लेने का काम किया करता था।
डीजीपी राजीव कुमार ने कहा कि इस गिरफ्तारी में कई पुलिस अधिकारियों ने योगदान दिया है। और इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए सभी को अवॉर्ड दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस वक्त पुलिस की टीम ने जेठा को गिरफ्तार किया वह पीपल लिबरेशन के लगभग 10 लोगों के साथ एक मीटिंग कर रहा था। उनके मुताबिक किसी को भनक तक नहीं लगी कि पुलिस इतनी नजदीक पहुंच चुकी है। क्योंकि उन्हें लगता था कि वह उनका सुरक्षित इलाका है। जेठा और उनके आदमियों ने भागने के लिए ओपन फायर भी किया। जवाबी कार्यवाई में पुलिस ने भी फायर किया। पुलिस का फोकस शुरू से जेठा को ही गिरफ्तार करना था। और इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आखिर में जेठा को गिरफ्तार कर भी लिया।
जानकारी के मुताबिक इस गिरफ्तारी में पुलिस को एक एके47 राइफल, एक नौ एमएम की पिस्टल और अन्य कुछ हथियार मिले।
एक सीनियर आईपीएस अधिकारी के अनुसार जेठा कोई नक्सली नहीं था। शुरू में वह एक छोटा सा अपराधी था। लेकिन 5 साल पहले वह पीपल लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया में आ गया। और अपने शातिर दिमाग से उसने कई काम किए और रांची का जोनल कमांडर बन गया।