झारखंड के नक्सल प्रभावित होने के चलते यहां के हालत जानने और विकास का खाका तैयार करने के लिय 26 वरिष्ठ अधिकारियों की केंद्रीय टीम शुक्रवार को रांची आ रही है। इस टीम में गृह, कैबिनेट और रक्षा सचिव भी होंगे।
राष्ट्रपति शासन के दौरान यह दूसरा मौका होगा जब ऐसी टीम झारखंड का दौरा करने आयेगी। पहली बार साल 2009 में शीर्ष अधिकारियों ने ऐसा ही दौरा किया था। इस दौरे में कैबिनेट सचिव अजीत कुमार सेठ की अध्यक्षता में आईआईसीएम में दिनभर बैठक होगी।
झारखंड के 24 में से 22 जिले नक्सल प्रभावित हैं। यहां आम जनता ही नहीं, पुलिस भी असुरक्षित है। 12 साल में केवल नक्सली हिंसा में 1076 लोगों की हत्या की जा चुकी है। इसमें पुलिस और सुरक्षा बल के 417 जवान शामिल हैं। कई जिलों में तो नक्सलियों की समानांतर सरकार चल रही है।
शिक्षा, चिकित्सा, सड़क व परिवहन आदि हर क्षेत्र में विकास कार्य रूके हुये हैं। सरकार के कोई ठोस कदम न उठाने और नक्सलियों के बढ़ते प्रभाव से राज्य में विकास का काम लगभग ठप पड़ा है। अब राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। जनता को इससे उम्मीद है।