कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने आरोप लगाया कि आईआईआईटी रांची के छात्रों को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते समय किसी ने उनके लिंक को हैक किया और अश्लील सामग्री प्रसारित करना शुरू कर दिया, जिसके कारण आयोजकों को इसे बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 'सैम के साथ संवाद: उथल-पुथल के दौर में गांधी की प्रासंगिकता' विषय पर ऑनलाइन चर्चा के दौरान पित्रोदा ने यह दावा किया। इस चर्चा को उन्होंने शनिवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया गया था।
घटना पर सैम पित्रोदा ने क्या कहा
पित्रोदा ने कहा, 'हाल ही में मैं आईआईटी रांची के करीब 100 छात्रों से (ऑनलाइन) बात कर रहा था। अचानक किसी ने इसे हैक कर दिया और अश्लील सामग्री दिखाना शुरू कर दिया। हमारे पास इसे बंद करने के लिए अलावा कोई विकल्प नहीं था।' कांग्रेस नेता ने टिप्पणी की, 'अब क्या यह लोकतंत्र है? क्या यह उचित है?' वीडियो में पित्रोदा ने गलती से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) रांची को आईआईटी रांची कह दिया।
'लोकतांत्रिक चरित्र खो रहे शिक्षण संस्थान'
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह घटना बताती है कि शिक्षण संस्थान अब अपने लोकतांत्रिक और स्वतंत्र चरित्र खोते जाते हैं। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं अकादमिक चर्चाओं की अखंडता और विचारों के स्वतंत्र आदान-प्रदान को कमजोर करती हैं।
यूजर्स ने पित्रोदा के दावों पर उठाया सवाल
हालांकि, पित्रोदा ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि क्या उन्होंने इस मामले में कोई शिकायत दर्ज कराई या नहीं। लेकिन उनकी टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है। कई यूजर्स ने एक्स पर पित्रोदा के दावों पर सवाल उठाए और गलती से आईआईआईटी रांची को आईआईटी रांच कहने पर मजाक उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि रांची में आईआईआईटी है, आईआईटी नहीं है।
एक यूजर ने लिखा, सैम पित्रोदा का कहना है कि वह आईआईटी रांच में बोल रहे थे और कुछ छात्रों ने लिंक को हैंक कर अश्लील सामग्री दिखाना शुरू कर दिया। वह कहते हैं कि यह लोकतंत्र नहीं है। इसका लोकतंत्र से क्या लेना-देना है? रांची में आईआईटी नहीं है, आईआईआईटी है।
शिक्षा मंत्रालय ने कहा, पित्रोदा का बयान निराधार, रांची में आईआईटी नहीं
शिक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के उन दावों का खंडन किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि आईआईटी रांची के छात्रों के साथ उनके वर्चुअल संवाद के दौरान आपत्तिजनक सामग्री चलाई गई थी। पित्रोदा ने 22 फरवरी के कार्यक्रम को बाधित किए जाने का भी आरोप लगाया था। बुधवार रात जारी बयान में शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस प्रमुख संस्थान की छवि को धूमिल करने के किसी भी प्रयास के कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। मंत्रालय ने कहा कि रांची में कोई आईआईटी नहीं है। इसलिए कांग्रेस नेता का बयान न केवल निराधार, बल्कि अज्ञानता से भरा हुआ है। रांची में एक भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) है। लेकिन उसने भी पुष्टि की है कि सैम पित्रोदा को संस्थान की ओर से किसी भी सम्मेलन या सेमिनार में वर्चुअल तरीके से भी व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था।
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