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Jharkhand: भाजपा ने झारखंड विधानसभा में किया हंगामा, नई नियोजन नीति पर सीएम सोरेन से मांगा स्पष्टीकरण

Thu, 23 Mar 2023 04:01 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, रांची।

सार

भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि कार्य मंत्रणा समिति के निर्णय के अनुसार मुख्यमंत्री को बजट सत्र के दौरान नियोजन नीति पर जवाब देना था। बजट सत्र बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है।
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झारखंड विधानसभा। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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झारखंड विधानसभा में बुधवार को एक बार फिर मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने राज्य सरकार की नई नियोजन नीति को लेकर हंगामा किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पर स्पष्टीकरण की मांग की। इस नीति के तहत वंचित स्थानीय लोगों के लिए 60 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित करने का वादा किया गया है।

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विधानसभा ने झारखंड चिकित्सा सेवा, चिकित्सा सेवा संघ (हिंसा और संपत्ति क्षति की रोकथाम) विधेयक को भी एक प्रवर समिति के पास जांच के लिए भेजा। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि कार्य मंत्रणा समिति के निर्णय के अनुसार मुख्यमंत्री को बजट सत्र के दौरान नियोजन नीति पर जवाब देना था। बजट सत्र गुरुवार को समाप्त हो रहा है।

विपक्षी दलों के विधायकों ने ‘60-40 नै चलतो’ (60-40 स्वीकार्य नहीं होगा) और ‘1932 के खतियान का क्या हुआ’ (1932 की भूमि रिकॉर्ड आधारित नीति) के नारे लगाते हुए सदन के बीचों बीच आ गए, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। सीएम सोरेन ने कहा कि भाजपा  ने लोकसभा को हाईजैक कर लिया है और वे विधानसभा में भी यही बात दोहराना चाहते हैं।
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विपक्ष ने रोजगार प्रणाली के लिए 60-40 अनुपात पेश करने की सरकार की योजना पर स्पष्टीकरण की मांग की। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नई नीति के तहत 60 प्रतिशत सीटें विभिन्न वंचित श्रेणियों के लिए आरक्षित होंगी, जबकि 40 प्रतिशत सीटें सभी के लिए खुली रहेंगी। सीएम सोरेन ने भाजपा सदस्यों से पूछा कि वे 60:40 के समर्थक हैं या 1932 के। इस पर भाजपा विधायकों ने जवाब दिया 1932 का।

मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो उन्होंने उस नीति के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया, जिसमें 1932 के भूमि रिकॉर्ड विवरण में अपने परिवार की जमीन का पता लगाने वालों को स्थानीय घोषित करने की बात कही गई थी। सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास सदन की कार्यवाही में खलल डालने के अलावा और कोई एजेंडा नहीं है और 'खुद को राम भक्त साबित करने के लिए कपड़े फाड़ने' के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 

ऐसा लगता है कि "कपड़े फाड़ने" वाली टिप्पणी का संदर्भ भाजपा विधायक मनीष जायसवाल की सोमवार की कार्रवाई के जवाब में दिया गया है। जब उन्होंने हजारीबाग में रामनवमी के जुलूस में डीजे म्यूजिक सिस्टम या हाई डेसिबल म्यूजिक सिस्टम की अनुमति देने की मांग करते हुए अपना कुर्ता फाड़ दिया था।

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