चारा घोटाले के लंबित आखिरी मामले में जमानत मिलने के एक सप्ताह के बाद भी राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की रिहाई तीन मई तक टल गई है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से झारखंड बार काउंसिल के निर्देश पर वकील अब दो मई तक कोर्ट के किसी भी कार्य में हिस्सा नहीं लेंगे। ऐसे में वकीलों के तीन मई को अदालती कार्य शुरू करने के बाद ही लालू की जमानत का रास्ता साफ हो सकेगा।
इससे पहले 17 अप्रैल को करोड़ों रुपये के चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में लालू प्रसाद को ही झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। लालू के वकील ने उस समय कहा था कि वह 19 अप्रैल को विशेष सीबीआई कोर्ट खुलने के बाद उनकी रिहाई के लिए हाईकोर्ट का ऑर्डर लेकर जाएंगे।
हालांकि उनकी रिहाई की प्रक्रिया झारखंड बार काउंसिल की बैठक में कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से वकीलों को 25 अप्रैल तक न्यायिक कार्य से दूर रहने निर्णय की वजह से टल गई। काउंसिल ने 25 अप्रैल को एक बार फिर बैठक के बाद प्रतिबंध दो मई तक बढ़ा दिया गया है।
नीतीश सरकार धृतराष्ट्र की तरह चुपचाप बैठी है: तेजस्वी
वहीं बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कोरोना से राज्य में पैदा हुए संकट पर कहा कि 'बिहार के अस्पतालों में बेड नहीं हैं। इंजेक्शन नहीं हैं। ऑक्सीजन नहीं है। कैसे मदद करें। बिहार के 39 जिलों में से 10 जिलों में पांच से अधिक वेंटिलेटर तक नहीं हैं। कितनी शर्मनाक बात है कि बिहार के जिला मुख्यालयों में वेंटिलेटर ऑपरेटर तक नहीं हैं। इतना असहाय, असमर्थ कभी अनुभव नहीं किया। एक इंसान होने के नाते चाहकर भी गुहार लगा रहे, मदद मांग रहे, तड़प रहे सभी जरूरतमंदो की मदद नहीं कर पा रहा हूं। अस्पतालों में फोन लगवाओ तो जवाब आता है कुछ नहीं कर सकते। भ्रष्ट सरकार धृतराष्ट्र की तरह हाथ पर हाथ धरे बैठी है।'
उन्होंने कहा कि सरकार बस विज्ञापन देकर और आंकड़ों को कम कर धूल झोंकने के फिराक में है।