रेप की बढ़ती घटनाओं के कारण विदेशों में भारत की छवि खराब हो रही है। झारखंड की अपनी पहली यात्रा पर पहुचीं अमेरिकी राजदूत नैन्सी पॉवेल ने मंगलवार को कहा कि यही कारण जिसकी वजह से अमेरिकी छात्र भारत नहीं आ रहे हैं।
पॉवेल ने कहा कि अमेरिकी छात्र अपनी सुरक्षा और महिलाओं के साथ हो रहे रेप की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं, जिस कारण वह भारत पढ़ाई के लिए नहीं आना चाहते हैं।
पॉवेल झारखंड की राजधानी रांची में जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सांइसेज (एक्सआईएसएस) में छात्रों के सवालों का जवाब दे रही थी। यह जवाब उन्होंने तब दिया जब किसी छात्र ने उनसे सवाल किया क्यों अमेरिकी छात्र भारत पढ़ाई को नहीं आते हैं?
सड़कों पर लोग कसते हैं फब्तियां
पॉवेल की उपस्थिति में एक्सआईएसएस के छात्रों ने माना कि उन लोगों ने भी शहर में यौन प्रताड़ना को महसूस किया है। बिना अपना नाम उजागर किए एक छात्र ने कहा कि हम रोज शहर की सड़कों पर अपने ऊपर फब्तियां और छेड़छाड़ को सुनते और महसूस करते हैं।
पॉवेल से जब इसके बारे में ज्यादा जानकारी देने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि पिछले साल शिकागो विश्वविद्यालय की लड़की, जो पढ़ाई के सिलसिले में भारत आई थी, उसने सीएनएन के आई रिपोर्ट में बताया कि भारतीय समाज में सुंदरता और मौज-मस्ती के बीच यौन प्रताड़ना के साथ जबरदस्ती छूना भी आम बात है।
शिक्षा दोनों देशों के बीच मजबूत आधार स्तंभ
एक्सआईएसएस में छात्रों से बात करते हुए पॉवेल ने पढ़ाई और लोगों से मिलने-जुलने पर जोर दिया। पॉवेल ने इस साल जून में हुए यूएस-इंडिया हाइर एजूकेशन डॉयलॉग का जिक्र करते हुए बताया कि शिक्षा ही हम दोनों देशों के आपसी गठजोड़ को सबसे अच्छी तरीके से बताता है। हम दोनों देशों के बीच शिक्षा एक द्विपक्षीय रणनीतिक गठजोड़ का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है।
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